गलत पर्सनल डिटेल, किसी इंकम का जिक्र छूट जाना या किसी जरूरी टैक्स छूट (Deduction) का दावा नहीं करना जैसी गलतियां बाद में सुधारी जा सकती हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, ऐसे मामलों में टैक्सपेयर Revised Return दाखिल कर सकते हैं.
आकलन वर्ष (Assessment Year) 2026-27 के लिए Revised Return आमतौर पर 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, दाखिल की जा सकती है.
कब फाइल कर सकते हैं Revised Return?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की FAQ के अनुसार, अगर ITR दाखिल करने के बाद कोई गलती, छूटी हुई जानकारी या गलत बयान सामने आता है, तो Section 139(5) के तहत Revised Return दाखिल की जा सकती है. हालांकि, अगर मूल ITR पेपर फॉर्म में मैन्युअली दाखिल की गई थी, तो उसे ऑनलाइन Revised Return के जरिए संशोधित नहीं किया जा सकता.
Revised Return कैसे फाइल करें?
अगर आपको अपनी ITR में सुधार करना है, तो ये आसान स्टेप्स अपनाएं:
- Income Tax e-Filing Portal पर लॉगिन करें.
- e-File में जाकर Income Tax Return चुनें.
- संबंधित Assessment Year सिलेक्ट करें.
- Section 139(5) के तहत Revised Return का ऑप्शन चुनें.
- पहले दाखिल की गई ITR का Acknowledgement Number दर्ज करें.
- जरूरी सुधार करें, रिटर्न सबमिट करें और e-Verification पूरा करें.
क्या एक से ज्यादा बार भी सुधार कर सकते हैं?
Upstox की रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स एक्सपर्ट सीए अभिषेक सोनी, CEO एवं Co-founder, Tax2win के मुताबिक, अगर ITR फाइल करने के बाद कोई गलती पता चलती है तो 31 दिसंबर 2026 तक Revised Return दाखिल की जा सकती है. उन्होंने बताया कि अगर किसी इंकम की जानकारी छूट गई है, तो तय शर्तों और अतिरिक्त टैक्स के भुगतान के साथ Updated Return (ITR-U) का ऑप्शन भी उपलब्ध हो सकता है. वहीं, अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी ITR में कोई कमी बताता है, तो नोटिस में दिए गए समय के भीतर उसे ठीक किया जा सकता है. वहीं, सीए सिद्धार्थ मौर्य, Managing Director, Vibhavangal Anukulkara Pvt Ltd के अनुसार, Revised Return मूल रिटर्न की जगह ले लेती है. अगर तय समय सीमा के भीतर बाद में कोई नई गलती भी पता चलती है, तो टैक्सपेयर फिर से Revised Return दाखिल कर सकते हैं.
किन बातों का रखें ध्यान?
- आखिरी तारीख: Revised Return आमतौर पर 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, फाइल की जा सकती है.
- रिफंड मिलने के बाद भी मौका: अगर आपकी ITR प्रोसेस हो चुकी है या रिफंड मिल गया है, तब भी तय समय सीमा के भीतर Revised Return दाखिल की जा सकती है.
- समय निकल जाए तो क्या करें? तय शर्तों के तहत Section 139(8A) के तहत Updated Return (ITR-U) दाखिल करने का विकल्प मिल सकता है.
- ITR-U की सीमा: ITR-U का इस्तेमाल सिर्फ अतिरिक्त आय (Additional Income) बताने के लिए किया जा सकता है. इससे नया Deduction क्लेम नहीं किया जा सकता और न ही ज्यादा Refund मांगा जा सकता है.
- अतिरिक्त शुल्क भी लग सकता है: अगर Revised Return तय अवधि से आगे, लेकिन नियमों के तहत स्वीकार्य समय में दाखिल की जाती है, तो Section 234I के तहत लागू होने पर शुल्क देना पड़ सकता है.
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