Repo Rate: अगर आप होम लोन या कार लोन की ईएमआई (EMI) कम होने का इंतजार कर रहे थे, तो फिलहाल अच्छी खबर यह है कि आपके लोन की किस्तें नहीं बढ़ेंगी. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज, 8 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा गया है.
ब्याज दरों को स्थिर रखने के 3 मुख्य कारण
- कच्चे तेल की कीमतों में आग: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है, जिससे देश में महंगाई बढ़ने का डर बना हुआ है.
- संतुलित महंगाई (Inflation Control): आरबीआई का लक्ष्य महंगाई को 4% के दायरे में रखना है. हालांकि हाल ही में थाली की कीमतों में कुछ राहत मिली है (जैसा कि क्रिसिल की रिपोर्ट में बताया गया है), लेकिन ईंधन और एलपीजी के बढ़ते दाम चिंता का विषय बने हुए हैं.
- मजबूत जीडीपी ग्रोथ: भारतीय अर्थव्यवस्था अन्य प्रमुख देशों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही है. दरों को स्थिर रखकर आरबीआई विकास की रफ्तार को बनाए रखना चाहता है, ताकि निवेश और खपत में कमी न आए.
2025 में 4 बार घटी रेपो रेट
क्या होता है रेपो रेट ?
आसान भाषा में समझें तो, रेपो रेट वह दर है जिस पर देश के बड़े बैंक (जैसे SBI, HDFC आदि) रिजर्व बैंक से कर्ज लेते हैं. जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों को सस्ता पैसा मिलता है, जिसका फायदा वे ग्राहकों को सस्ता लोन देकर पहुंचाते हैं.
कैसे होता है फैसला ?
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) हर दो महीने में बैठक करती है. इस कमेटी में कुल 6 सदस्य होते हैं (3 आरबीआई से और 3 सरकार द्वारा नियुक्त).
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