Reliance Industries की बुधवार को होगी अब तक की बड़ी ऑनलाइन एजीएम, 1 लाख से अधिक इन्वेस्टर्स लेंगे हिस्सा

देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) बुधवार को पहली बार अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) का ऑनलाइन आयोजन करेगी. कंपनी इसके लिए एक नया वर्चुअल प्लेटफॉर्म बनायेगी, जिसमें 500 स्थानों से 1 लाख से अधिक शेयरधारक एकसाथ लॉग कर सकेंगे. आरआईएल की अब तक सभी एजीएम लोगों की व्यक्तिगत उपस्थिति के साथ होती रही हैं. ऐसे में, मुंबई से बाहर रहने वाले शेयरधारक इस सालना कार्यक्रम में बहुत कम ही भागीदारी कर पाते हैं, लेकिन अब नयी परिस्थितियों में मुंबई से बाहर के निवेशक भी एजीएम कार्यक्रम को सीधे देख सेकेंगे, नयी योजनाओं के बारे में जान सकेंगे और इसमें भागीदारी भी कर सकेंगे.

नयी दिल्ली : देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) बुधवार को पहली बार अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) का ऑनलाइन आयोजन करेगी. कंपनी इसके लिए एक नया वर्चुअल प्लेटफॉर्म बनायेगी, जिसमें 500 स्थानों से 1 लाख से अधिक शेयरधारक एकसाथ लॉग कर सकेंगे. आरआईएल की अब तक सभी एजीएम लोगों की व्यक्तिगत उपस्थिति के साथ होती रही हैं. ऐसे में, मुंबई से बाहर रहने वाले शेयरधारक इस सालना कार्यक्रम में बहुत कम ही भागीदारी कर पाते हैं, लेकिन अब नयी परिस्थितियों में मुंबई से बाहर के निवेशक भी एजीएम कार्यक्रम को सीधे देख सेकेंगे, नयी योजनाओं के बारे में जान सकेंगे और इसमें भागीदारी भी कर सकेंगे.

आरआईएल ने शेयरधारकों को इस बारे में शिक्षित करने के लिए एक व्हाट्सअप नंबर +91-79771-11111 के जरिये चैटबोट जारी किया है. इससे शेयरधारकों को ऑनलाइन लॉग-इन करने, सवाल पूछने और विभिन्न प्रस्तावों पर मत देने के बारे में जानकारी दी जाएगी. यह 24 घंटे सातों दिन काम करेगा और जरूरी जानकारी देगा. आरआईएल की यह ऑनलाइन एजीएम 15 जुलाई को होगी. पहली बार इसमें देश और दुनिया के 500 स्थानों से 1 लाख से अधिक निवेशक सीधे वार्षिक आम बैठक में भाग ले सकेंगे.

चैटबोट की शुरुआत रिलांयस के 53,124 करोड़ रुपये के मेगा राइट इश्यू के दौरान हुई, जिसे जियो हेप्टिक चलाएगा. रिलायंस की पिछली एजीएम 12 अगस्त 2019 को कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी को 31 मार्च 2021 तक ऋण मुक्त बनाने की कार्ययोजना की घोषणा की थी, लेकिन तेल से लेकर दूरसंचार तक कई कारोबार करने वाला यह समूह पिछले महीने ही शुद्ध रूप से ऋणमुक्त हो गया.

कंपनी ने अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स में 25.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाने की व्यवस्था कर ली है. वहीं, रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों को राइट इश्यू जारी कर 53,124 करोड़ रुपये भी जुटाने का भी इंतजाम किया है. इसके अलावा, ईंधन की खुदरा बिक्री कारोबार में 49 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 7,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कुल मिलाकर कंपनी ने 1.75 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की पक्की व्यवस्था कर ली है. कंपनी के ऊपर 31 मार्च 2020 को 1,61,035 करोड़ रुपये का शुद्ध कर्ज था. नये निवेश के बाद कंपनी शुद्ध रूप से कर्जमुक्त हो गयी है.

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Posted By : Vishwat Sen

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