नयी दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच फर्जीवाड़े को रोकने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए वीडियो जारी किया है. माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर जारी यह वीडियो 47 सेकेंड का है.
रिजर्व बैंक ने वीडियो के जरिये संदेश दिया है कि ”आरबीआई कहता है- थोड़ी-सी सावधानी बहुत परेशानी का सबब बनती है. पिन, ओटीपी या बैंक खाता विवरण साझा करने के अनुरोधों पर कभी प्रतिक्रिया ना दें. अगर चोरी, गुम या छेड़छाड़ हो जाता है, तो अपना कार्ड ब्लॉक करें.”
वीडियो में आरबीआई ने कहा है कि ”रहना है सावधान, बात है ये ज्ञान की, गलती जो की, तो होगा नुकसान भी, बैंक अकाउंट डिटेल कोई मांगे तो सीधा कहो ना, ऐसी फेक कॉल्स के चक्कर में नहीं फंसना”.
वीडियो के जरिये केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंकिंग डिटेल्स एक-दूसरे से साझा करने में सावधनी बरतनी जरूरी है. सावधानी हटने पर दुर्घटना का शिकार होना पड़ सकता है. अगर आपके साथ ऐसा हादसा हो जाता है, तो बैंक के टॉल फ्री नंबर पर तुरंत संपर्क कर सूचना दें.
आरबीआई ने कहा है कि उपभोक्ता अपने बैंक खाते का पिन, ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी कोई भी जानकारी या सूचना किसी के साथ साझा ना करें. साथ ही कहा कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड के खोने, चोरी होने या छेड़खानी किये जाने पर तुरंत इसे ब्लॉक कराएं.
मालूम हो कि आरबीआई समेत सभी बैंक अपने-अपने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सतर्कता से संबंधित सूचना भेजते रहते हैं. बैंक अपने किसी ग्राहक से पिन, कोड, ओटीपी आदि जानने के लिए फोन नहीं करता.
केंद्रीय बैंक समेत सभी बैंक अपने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता मैसेज भेजते रहते हैं. बैंक अपनी तरफ से किसी भी ग्राहक की बैंकिंग डिटेल्स जैसे कि पिन कोड, ओटीपी जानने के लिए कॉल नहीं करता है. बैंक टोल फ्री नंबर से मिलते-जुलते नंबर से भी कॉल आने पर PIN, OTP या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी नहीं साझा करनी चाहिए.
