RBI के अधिकारियों ने खोला मोर्चा, प्रमोशन की पुरानी नीति बहाल करने की मांग, गवर्नर को लिखा पत्र

RBI Promotion Policy : आरबीआई अधिकारियों ने नई प्रमोशन नीति के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा से हस्तक्षेप की मांग की है. अधिकारियों का कहना है कि समयबद्ध प्रमोशन सिस्टम खत्म होने से उनके करियर और मनोबल पर बुरा असर पड़ रहा है.

RBI Promotion Policy : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों और मैनेजमेंट के बीच प्रमोशन नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. आरबीआई के करीब 8,000 अधिकारियों ने नई प्रमोशन पॉलिसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है और गवर्नर संजय मल्होत्रा से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

क्या है विवाद की मुख्य वजह ?

अधिकारियों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह प्रमोशन के नियमों में किया गया बदलाव है.

  • समयबद्ध बनाम रिक्तियां: पहले आरबीआई में ‘समयबद्ध प्रमोशन प्रणाली’ (Time-bound Promotion System) लागू थी, जिसमें एक निश्चित समय के बाद अधिकारियों को अगली रैंक मिल जाती थी. लेकिन नई नीति में प्रमोशन को ‘रिक्तियों की उपलब्धता’ (Availability of Vacancies) से जोड़ दिया गया है.
  • करियर में रुकावट: ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन’ (RBIOA) का कहना है कि नए नियमों के कारण खास तौर पर युवा अधिकारियों का करियर रुक गया है. उन्हें लंबे समय तक एक ही पद पर काम करना पड़ेगा, जिससे उनके मनोबल में गिरावट आ रही है.

गवर्नर से हस्तक्षेप की मांग

एसोसिएशन ने गवर्नर को लिखे पत्र में अपनी चिंताएं जाहिर की हैं. उनका कहना है कि मैनेजमेंट ने अधिकारियों के सुझावों और आपत्तियों को सुने बिना ही नई नीति लागू कर दी है. अधिकारियों का दावा है कि पहले हुई बैठकों में गवर्नर ने समयबद्ध प्रमोशन की संभावना का संकेत दिया था, लेकिन अंतिम नीति में इसे शामिल नहीं किया गया.

अधिकारियों की मांगें

आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालयों और मुंबई मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • संशोधित प्रमोशन नीति को तत्काल प्रभाव से रोका जाए.
  • अधिकारी संगठन के साथ चर्चा करके नीति की व्यापक समीक्षा की जाए.
  • करियर ग्रोथ के लिए एक निष्पक्ष और टिकाऊ ढांचा तैयार किया जाए जिससे प्रमोशन समय पर मिल सके.
  • एसोसिएशन ने मैनेजमेंट से अनुरोध किया है कि वे इस मामले पर गंभीरता से विचार करें ताकि अधिकारी समुदाय में बढ़ रहे असंतोष को खत्म किया जा सके.

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By Abhishek pandey

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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