कई न्यूज वेबूसाइट यह खबर चला रहे थे कि भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही 5, 10 और रुपये के नोट बंद करने की तैयारी कर रहा है. यह खबर चली थी भारतीय रिजर्व बैंक के असिस्टेंट मैनेजर बी महेश के हवाले से. कई न्यूज वेबसाइट ने बताया था कि आरबीआई 5, 10 और 100 रुपये के नोट व सीरीज को वापस लेने की योजना पर विचार कर रहा है हालांकि यह खबर पुख्ता नहीं थी. पीआईबी ने फैक्ट चेक में इस खबर को गलत बताया है.
रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक ट्वीट करते हुए लिखा, हमें खेद है कि कुछ मीडिया में 100,10 और 5 रुपये के पुराने सीरीज के नोट वापस लेने की खबर चल रही है, हम बता दें कि यह बाजार में चलते रहेंगे. ऐसी कोई भी खबर चल रही है तो वह गलत है.
यह बताया जा रहा था कि जब नये नोट पूरी तरह चलन में आ जायेंगे तो पुराने नोट को वापस लिया जायेगा. यह बंद करने के पीछे तर्क दिया गया था नकली नोट से दूर रहने के जिहार से सरकार ने पहले भी नोटबंदी का फैसला लिया था. अब पुराने नोट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उस वक्त नये नोट जारी किये गये थे. नये नोटों का बाजार में चलन भी तेजी से बढ़ रहा है.
ये कोई नई बात या नई प्रक्रिया नहीं है. पुराने नोट बदलकर नए नोट देना बैंकों के लिए के बेहद सामान्य प्रक्रिया में से एक है. इसे ‘नोटबंदी’ (Demonetisation) की संज्ञा नहीं दी जानी चाहिए. 2016 की नोटबंदी में 100 रुपये के पुराने नोटों को लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए जारी सकरने का काम किया गया था. इन पुराने नोटों को बैंक अब चरणबद्ध तरीके से नए नोटों से बदलने में लगे हैं.
समय- समय पर इसके भी नकली होने की खबर बाजार में आती रहती है. 10 रुपये के सिक्के लेने से कई छोटे व्यापारी में बचते हैं. इस सिक्के को लेकर कई तरह की अफवाह भी बाजार में है.
Also Read: एम्स सुरक्षागार्ड से मारपीट के मामले में आप विधायक सोमनाथ भारती को दो साल की जेल
