RBI Gold Reserves: बुधवार (3 जून) को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि केंद्रीय बैंक ने अपना सोना बेचा है. आरबीआई ने साफ किया कि उसके पास मौजूद सोने के भंडार में कोई कमी नहीं आई है और यह पूरी तरह सुरक्षित है.
आइए इस पूरे मामले को समझते हैं कि आखिर यह अफवाह कहां से शुरू हुई और असली सच क्या है.
अफवाह कहां से और कैसे शुरू हुई?
दरअसल, हाल ही में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट आई थी. ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के अनुमानों के हवाले से इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 22 मई को खत्म हुए दो हफ्तों के दौरान, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में गिरावट आई है. रिपोर्ट में अंदाजा लगाया गया कि इस गिरावट के बीच आरबीआई ने शायद करीब 12 अरब डॉलर (लगभग $12 Billion) का सोना बेच दिया है. देखते ही देखते यह खबर मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ हिस्सों में फैल गई, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई.
आरबीआई के पास इस वक्त कितना सोना है?
- बिल्कुल सुरक्षित है स्टॉक: आरबीआई ने एक प्रेस रिलीज जारी कर साफ कहा कि सोना बेचने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं.
- फिजिकल गोल्ड की मात्रा: केंद्रीय बैंक के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन फिजिकल सोना मौजूद है और इसमें एक ग्राम की भी कमी नहीं हुई है.
- अप्रैल से नहीं बदला आंकड़ा: आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 3 अप्रैल 2026 को खत्म हुए हफ्ते से लेकर अब तक भारत का स्वर्ण भंडार इसी स्तर (880.52 टन) पर बना हुआ है. मार्च के आखिरी दिनों में यह 880.34 टन था, जो अप्रैल की शुरुआत में थोड़ा बढ़कर 880.52 टन हुआ और तब से बिल्कुल स्थिर है.
अगर सोना नहीं बिका, तो रिजर्व की वैल्यू कम क्यों हुई?
कई लोगों के मन में यह सवाल है कि अगर सोना नहीं बेचा गया, तो उसकी कुल कीमत कम-ज्यादा क्यों दिख रही थी? इसका सीधा सा जवाब है इंटरनेशनल मार्केट. सोने की कुल मात्रा (वजन) भले ही स्थिर है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव रोजाना बदलते रहते हैं. इसी उतार-चढ़ाव की वजह से आरबीआई के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी बदलती है. उदाहरण के लिए, 24 अप्रैल 2026 को आरबीआई के सोने की कुल वैल्यू 120.24 अरब डॉलर (करीब ₹11.33 लाख करोड़) थी, जबकि उससे ठीक एक हफ्ते पहले इसकी वैल्यू 122.13 अरब डॉलर (करीब ₹11.35 लाख करोड़) दर्ज की गई थी. यह अंतर सिर्फ और सिर्फ सोने की कीमतों में आए बदलाव की वजह से था, ना कि सोना बेचने के कारण.
आम जनता को केंद्रीय बैंक ने क्या सलाह दी है?
आरबीआई ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक और अनऑफिशियल खबरों पर बिल्कुल भरोसा न करें. केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी हर महीने आने वाले ‘मंथली बुलेटिन’ (Monthly Bulletin) और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से जारी करता है. किसी भी जानकारी को सच मानने से पहले सरकारी और आधिकारिक डेटा को ही चेक करना चाहिए. बता दें कि 24 अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 698.49 अरब डॉलर था, जिसमें से अकेले सोने का हिस्सा 120.24 अरब डॉलर का है.
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