नयी दिल्लीः बैंकों को मजबूत बनाने और उनकी संपत्ति के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने बैंकों को 5 साल के लिए 30,600 करोड़ रुपये का सिक्यूरिटी रिसिप्ट जारी करने का फैसला किया है. बैंकों को यह रिसिप्ट नेशनल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड की ओर से जारी किये जायेंगे. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी.
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों को बैड लोन से उबारने के लिए एनपीए के आधार पर उन्हें पैसे दिये जायेंगे. 15 फीसदी कैश और 85 फीसदी सिक्यूरिटी रिसिप्ट के रूप में दिये जायेंगे. निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इससे संबंधित एक प्रस्ताव को मंजूरी दी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में बैंकों की परिसंपत्तियों की समीक्षा की गयी थी. इसमें देखा गया था कि बड़े पैमाने पर नन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) हैं और यह लगातार बढ़ता जा रहा है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 6 सालों में बैंकों को सुदृढ़ करने की दिशा में पीएम मोदी की सरकार ने काम किया है. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने 4Rs रणनीति पर काम शुरू किया. इसमें रिकॉग्निशन, रिजोल्यूशन, रीकैपिटलाइजेशन और रिफॉर्म्स पर जोर दिया. इसका असर यह हुआ कि बैंकों ने 5,01,479 करोड़ रुपये की रिकवरी की.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन 5.01 लाख करोड़ रुपये में से 3.1 लाख करोड़ रुपये मार्च 2018 के बाद रिकवर किये गये हैं. सिर्फ वर्ष 2018-19 में 1.2 लाख करोड़ रुपये की रिकवरी बैंकों ने की. वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में 21 सरकारी बैंकों में सिर्फ 2 बैंक मुनाफे में थे. वर्ष 2021 में सिर्फ 2 बैंकों ने कहा है कि वे नुकसान में हैं. निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन के लिए सरकार ने वर्ष 2017-18 में 90,000 करोड़ रुपये दिये. वर्ष 2018-19 में 70 हजार करोड़ रुपये, वर्ष 2019-20 में 20 हजार करोड़ रुपये और वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 में 20-20 हजार करोड़ रुपये सरकार ने बैंकों को दिये.
बैंकों की बुरी स्थिति के लिए निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग सेक्टर के अनप्रोफेशनल अफसरों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि उन अधिकारियों को बैंक की परिसंपत्तियों के प्रबंधन का ज्ञान ही नहीं था. यही वजह है कि बैंक एनपीए के मकड़जाल में फंस गये.
सरकार ने इस समस्या का समाधान भी कर दिया है. अब बैंक के कर्मचारियों को अपना काम है. एसेट मैनेजमेंट की जिम्मेदारी उसके एक्सपर्ट करेंगे. इससे बैंकिंग सेक्टर के अफसरों और कर्मचारियों का स्ट्रेस लेवल कम होगा और वे सिर्फ बैंकिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.
NARCL करेगा बैंकों के बैड लोन का प्रबंधन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला ने कहा कि नेशनल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) सरकारी बैंकों के बैड लोन (Bad Loan of Banks) का प्रबंधन करेगी. उन्होंने कहा कि 2021 के बजट (Union Budget 2021) में सरकार ने एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) के गठन की बात कही थी. यह कंपनी बैंकों के बैड लोन लेगी और उसे बेचकर अपना पैसा निकाल लेगी.
वित्त मंत्री ने बताया कि एनएआरसीएल के अलावा भारत सरकार इंडिया डेट रिजोल्यूशन कंपनी लिमिटेड की भी स्थापना करेगी. NARCL में सरकारी उपक्रमों की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि IDRCL में सरकारी कंपनियों के साथ-साथ सरकारी वित्तीय संस्थानों की अधिकतम 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी.
Posted By: Mithilesh Jha
