Real Estate : भारतीय समाज में सोना (Gold) सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा सबसे सुरक्षित निवेश और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक है. लेकिन, अगर देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह मानकर एक साल के लिए सोना खरीदना टाल देता है, तो लोगों की यह बचत दूसरे एसेट्स की तरफ मुड़ जाएगी. निवेश सलाहकारों का मानना है कि सोने से निकलने वाले इस फंड का एक बहुत बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट (प्रॉपर्टी), शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में शिफ्ट होने जा रहा है.
फ्लैट, प्लॉट और जमीन की बढ़ेगी मांग
सीए विनोद रावल के मुताबिक, भारतीय परिवारों के लिए सोने के बाद दूसरा सबसे भरोसेमंद विकल्प ‘प्रॉपर्टी’ है. प्रॉपर्टी में निवेश करने के कई फायदे हैं. इसमें आप खुद रह सकते हैं, इसे किराए पर देकर हर महीने फिक्स्ड इनकम पा सकते हैं और लंबे समय में इसकी कीमत भी बढ़ती है. ऐसे में जो पैसा पहले सोने के बिस्किट या गहनों में जाता था, वह अब घरों की डाउन पेमेंट के रूप में इस्तेमाल हो सकता है.
‘नेट जीरो’ और ‘लो AQI’ घरों का नया क्रेज
देश की पहली लो AQI (कम प्रदूषण वाली) और नेट जीरो घर बनाने वाली कंपनी ‘बूट्स रियलिटी’ के एमडी दीपक राय ने इस पर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं:
- नेट जीरो घर: ऐसे आधुनिक घर जो अपनी जरूरत की जितनी बिजली और पानी की खपत करते हैं, खुद उतनी ही बिजली-पानी पैदा भी करते हैं.
- लो AQI घर: इन घरों के अंदर एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण हवा बिल्कुल साफ (50 AQI से कम) रहती है, जिससे प्रदूषण का असर नहीं होता.
दीपक राय का कहना है कि सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 (छोटे) शहरों में भी जमीनों और प्लॉट्स की मांग तेजी से बढ़ेगी. जब रियल एस्टेट चमकेगा, तो उससे जुड़े अन्य उद्योग जैसे सीमेंट, सरिया, ईंट और फर्नीचर बिजनेस को भी भारी मुनाफा होगा.
‘वर्क फ्रॉम होम’ से बढ़ेगी फ्लैट्स की डिमांड
पीएम मोदी ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए कंपनियों से वर्क-फ्रॉम-होम (घर से काम) या हाइब्रिड मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है. कोरोना काल के बाद से ही लोग अपने घरों में एक अलग ‘वर्कस्पेस’ (काम करने की जगह) को जरूरी मानने लगे हैं. अगर कंपनियां पीएम की बात मानती हैं, तो दिल्ली-एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम) और बेंगलुरु जैसे शहरों में बड़े फ्लैट्स और आवासीय योजनाओं (Residential Projects) की मांग में भारी उछाल आएगा.
प्रॉपर्टी मार्केट का भविष्य और ग्राहकों को फायदा
प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म अनारॉक (ANAROCK) ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टॉप 7 शहरों में प्रॉपर्टी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. अकेले दिल्ली-एनसीआर (NCR) में पिछले साल दामों में 23% का बड़ा इजाफा देखा गया है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल 2026 में रियल एस्टेट मार्केट 10 से 11% की ग्रोथ दिखा सकता है.
घर खरीदारों के लिए यह सबसे सही समय क्यों है?
- सस्ता होम लोन: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 1% से ज्यादा की कटौती के बाद इस समय होम लोन की ब्याज दरें काफी कम हैं. बड़े बैंकों में होम लोन 7.1% से 8% के शुरुआती दायरे में मिल रहा है.
- शानदार ऑफर्स: बाजार में ग्राहकों को खींचने के लिए बिल्डर्स और डेवलपर्स आसान पेमेंट प्लान और कम डाउन पेमेंट जैसे आकर्षक ऑफर्स दे सकते हैं.
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में भी आएगा ‘सैलाब’
दिल्ली यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर अक्षय मिश्रा बताते हैं कि नियमित बचत करने वाले मध्यम वर्ग का एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स (विशेषकर SIP) की तरफ आकर्षित होगा. जब रिटेल निवेशक सीधे इक्विटी या हाइब्रिड फंड्स में पैसा लगाएंगे, तो देश के घरेलू पूंजी बाजार (Capital Market) को जबरदस्त मजबूती मिलेगी. कंपनियों के पास व्यापार बढ़ाने के लिए पर्याप्त पैसा होगा, जिससे अंततः देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी.
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