पेक्का लुंडमार्क बने नोकिया के अध्यक्ष एवं सीईओ, राजीव सूरी की लेंगे जगह

फिनलैंड की कंपनी नोकिया ने राजीव सूरी की जगह पर पेक्का लुंडमार्क को अपना नया अध्यक्ष और सीईओ नियुक्त किया है. वे सितंबर महीने से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.

नयी दिल्ली : दूरसंचार नेटवर्क के उपकरण बनाने वाली फिनलैंड की वैश्विक कंपनी नोकिया ने राजीव सूरी की जगह पेक्का लुंडमार्क को अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की है. कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उसके निदेशक मंडल ने नयी नियुक्ति को अनुमोदित किया है. लुंडमार्क इस साल पहली सितंबर से नयी जिम्मेदारी संभालेंगे और तब तक सूरी इस पद पर बने रहेंगे.

लुंडमार्क फिनलैंड में एस्पू में बैठेंगे. वह 1990-2000 के बीच नोकिया में कई पदों पर काम कर चुके हैं. अभी वह एस्पू में ही तेल कंपनी फोर्टम के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक है. इससे पहले वह कॉनक्रेन कंपनी के सीईओ थे. सूरी नोकिया के साथ 25 साल रहे और अब कोई और काम करना चाहते हैं. उन्होंने कंपनी को अपनी जिम्मेदारी छोड़ने की इच्छा पहले ही जता दी थी.

कंपनी ने कहा है कि नोकिया के निदेशक मंडल नये सीईओ के चयन के काम में सूरी के साथ तालमेल से काम किया और यह काम दो मार्च, 2020 को सम्पन्न हुआ. इस दौरान कंपनी के अंदर के अधिकारियों को तैयार करने से लेकर बाहर के उम्मीदवारों की पहचान करने तक में सूरी ने

निदेशक-मंडल का सहयोग किया.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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