बर्खास्त कर्मचारी से ज्वाइनिंग बोनस नहीं वसूलेगी Paytm, श्रम मंत्रालय से लगी फटकार

Paytm: बेंगलुरु के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त ने पेटीएम (Paytm) में कथित बर्खास्तगी के तौर-तरीकों को लेकर एक कर्मचारी की तरफ से शिकायत दायर किए जाने के बाद तेजी से कार्रवाई की और फौरन ही कंपनी को नोटिस जारी किया. पेटीएम प्रबंधन का प्रतिनिधि आयुक्त के सामने पेश हुआ.

Paytm: श्रम मंत्रालय से फटकार लगने के बाद ऑनलाइन भुगतान ऐप मुहैया कराने वाली कंपनी पेटीएम अब अपने बर्खास्त कर्मचारी से ज्वाइनिंग बोनस नहीं वसूलेगी. कर्मचारी की कथित बर्खास्तगी पर श्रम मंत्रालय से फटकार लगने के बाद पेटीएम प्रबंधन बेंगलुरु के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के सामने पेश हुआ और कर्मचारी से ज्वाइनिंग बोनस की वसूली नहीं करने पर राजी हो गया.

श्रम आयुक्त ने मामले का किया निपटारा

आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम ने इस कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर भी सहमति जताई है. सूत्रों ने पेटीएम से जुड़े रहे इस कर्मचारी का नाम नहीं बताया. इस मुद्दे पर ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम की ओर से फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया है. सूत्रों ने बताया कि कर्मचारी ने बेंगलुरु में केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त की मौजूदगी में नौकरी से हटाए जाते समय पेटीएम की तरफ से की गई वित्तीय पेशकश को स्वीकार कर लिया है. सूत्रों ने कहा कि बातचीत के बाद दोनों पक्षों की संतुष्टि के लिए शिकायत का निपटान कर दिया गया है.

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पेटीएम ने जबरन किया था बर्खास्त

सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु के केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त ने पेटीएम में कथित बर्खास्तगी के तौर-तरीकों को लेकर एक कर्मचारी की तरफ से शिकायत दायर किए जाने के बाद तेजी से कार्रवाई की और फौरन ही कंपनी को नोटिस जारी किया. उन्होंने कहा कि पेटीएम प्रबंधन का प्रतिनिधि आयुक्त के सामने पेश हुआ और ज्वाइनिंग बोनस की वसूली नहीं करने और कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर सहमत हुआ. पेटीएम के कुछ अन्य कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी कथित तौर पर पेटीएम द्वारा जबरन बर्खास्तगी के तरीके पर अपना असंतोष व्यक्त किया था.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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