Oracle में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी! दुनियाभर में 10 हजार तक नौकरियों पर संकट, भारत के 30 हजार कर्मचारियों पर भी खतरा

अमेरिकी टेक दिग्गज Oracle में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की खबर सामने आ रही है. कंपनी दुनियाभर में 7,000 से 10,000 कर्मचारियों की नौकरियों में कटौती की तैयारी कर रही है. भारत के 30 हजार कर्मचारियों पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है, जानिए पूरा मामला.

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Oracle में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की खबर सामने आ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी दुनियाभर में 7,000 से 10,000 कर्मचारियों की नौकरियों में कटौती की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि सितंबर की शुरुआत या मध्य में अलग-अलग टीमों के मैनेजरों को अपने बजट में कटौती करने के निर्देश दिए जा सकते हैं. हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक इस संभावित छंटनी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

भारत के 30 हजार कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर

Oracle के लिए भारत एक महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग हब है. कंपनी के भारत में करीब 30 हजार कर्मचारी बताए जाते हैं. ऐसे में नई छंटनी का बड़ा असर भारतीय कर्मचारियों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है. खासकर उन टीमों में नौकरियों पर खतरा बढ़ सकता है, जहां कंपनी खर्च कम करने की योजना बना रही है.

एक साल में 21 हजार नौकरियों की कटौती का दावा

नई संभावित छंटनी ऐसे समय में सामने आई है, जब Oracle पहले ही पिछले करीब एक साल में हजारों कर्मचारियों की नौकरियों में कटौती कर चुका है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अवधि में करीब 21,000 नौकरियां खत्म की गई हैं, जिनमें लगभग 12,000 नौकरियां भारत से जुड़ी बताई जा रही हैं. इससे कर्मचारियों के बीच पहले से ही असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.

AI और क्लाउड पर भारी निवेश, फिर खर्च घटाने की तैयारी

Oracle इस समय क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है. AI के बढ़ते इस्तेमाल और क्लाउड कारोबार की मांग को देखते हुए कंपनी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार दे रही है. दूसरी ओर, लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने की संभावित योजना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि कंपनी अपने खर्च और निवेश के बीच संतुलन कैसे बना रही है.

कर्मचारियों में बढ़ी चिंता, आधिकारिक ऐलान का इंतजार

छंटनी की खबरों के बीच Oracle के कर्मचारियों में चिंता बढ़ने की बात कही जा रही है. खासकर इसलिए क्योंकि पिछली छंटनी के दौरान कुछ कर्मचारियों को बिना लंबी प्रक्रिया के कंपनी के सिस्टम और काम से तत्काल बाहर कर दिया गया था. हालांकि, इस बार कितने कर्मचारियों की नौकरी जाएगी और किन विभागों पर सबसे ज्यादा असर होगा, इसकी अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

क्या Oracle की AI रणनीति बनेगी छंटनी की वजह?

Oracle समेत दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं. कंपनियां एक तरफ AI में निवेश बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पारंपरिक भूमिकाओं और लागत वाले क्षेत्रों में कटौती कर रही हैं. ऐसे में Oracle की संभावित नई छंटनी को भी कंपनी की बदलती कारोबारी रणनीति और लागत प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है. फिलहाल कर्मचारियों की नजर कंपनी के आधिकारिक फैसले पर टिकी है.

ये भी पढ़ें: Cristiano Ronaldo vs Lionel Messi Net Worth: रोनाल्डो या मेसी - 2026 में कौन है ज्यादा अमीर? जानिए कुल संपत्ति और कमाई

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >