Andaman Oil Discovery News : देश को ऊर्जा (Energy) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बहुत बड़ी सफलता मिली है. सरकारी तेल कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने 5 जून को एलान किया है कि उसे अंडमान सागर के किनारे उथले पानी (Shallow Water) में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का दूसरा बड़ा भंडार मिला है.
कंपनी को यह कामयाबी अपने तीसरे कुएं की खुदाई के दौरान मिली है, जहां बड़े पैमाने पर हाइड्रोकार्बन होने की पुष्टि हुई है. विज्ञान की भाषा में जब किसी कुएं में हाइड्रोकार्बन मिलता है, तो वहां कच्चा तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस या फिर दोनों चीजें मिलने की पूरी गारंटी होती है.
पेट्रोलियम मंत्री ने ‘एक्स’ पर दी बधाई; बताया कुएं का नाम
इस ऐतिहासिक खोज पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऑयल इंडिया लिमिटेड की पूरी टीम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर बधाई दी. पेट्रोलियम मंत्री ने लिखा “यह बताते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है कि ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से 15 किलोमीटर दूर 355 मीटर की गहराई पर खोदे गए कुएं ‘श्री विजयपुरम-3’ में प्राकृतिक गैस की उपस्थिति पाई गई है.
” उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने देश के अपतटीय बेसिनों (Offshore Basins) में तेल और गैस के नए कुओं का पता लगाने की एक बड़ी योजना बनाई है, ताकि भारत के अपने हाइड्रोकार्बन भंडार का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा सके और विदेशों पर निर्भरता कम हो.
समुद्र की गहराई में चल रही है जांच
ऑयल इंडिया लिमिटेड ने शेयर बाजारों (BSE और NSE) को दी गई अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में इस प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी साझा की है.
- कहां मिला भंडार: यह गैस ब्लॉक अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है.
- कितनी गहराई पर है कुआं: ‘श्री विजयपुरम-3’ नाम का यह कुआं समंदर में करीब 355 मीटर की गहराई पर खोदा गया है.
- अगला कदम: कंपनी ने बताया कि इस भंडार में कितनी गैस मौजूद है और इसकी क्वालिटी कैसी है, इसके बारे में और ज्यादा सटीक जानकारी जुटाने के लिए गैस के सैंपल (नमूने) लेकर जांच की जा रही है.
क्या करती है ऑयल इंडिया लिमिटेड ?
ऑयल इंडिया लिमिटेड भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित महारत्न कंपनी है. इसका मुख्य काम देश और विदेश में नए तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों की खोज करना, उनके लिए गहरे कुओं की खुदाई करना और कच्चे तेल व गैस का कमर्शियल उत्पादन (Production) करना है. इस नई खोज से आने वाले समय में देश के भीतर ही एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNNG) की सप्लाई को और मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी.
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