नयी दिल्ली : नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सोमवार को कहा है कि सभी क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का इस्तेमाल करके भारत की अर्थव्यवस्था अगले कुछ साल में दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में टॉप पर होगी. उन्होंने कहा कि यह कोरोना वायसर के प्रभाव से जल्द ही मुक्त हो जाएगा.
यह बात दीगर है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह भारत ही नहीं दुनिया के अधिकतर देशों की अर्थव्यवस्था की हालत खराब हो गई है. भारत की अर्थव्यवस्था अब तकनीकी तौर पर मंदी में प्रवेश कर गई है. ऐसे में, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का कहना है कि देश का आर्थिक विकास वित्त वर्ष 2021-22 के अंत तक कोरोना वायरस से पहले वाले स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान उन्होंने ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी में गिरावट 8 फीसदी से कम रहने का अनुमान है. आरबीआई ने भी मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आर्थिक विकास के अनुमान को (-) 9.5 फीसदी से बदलकर (-) 7.5 फीसदी कर दिया है.
गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि अर्थव्यवस्था अनुमान से अधिक तेजी के साथ सुधर रही है. दास ने कहा कि शहरी मांग में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और ग्रामीण इलाकों में मांग मजबूत होने के आसार हैं. इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए आरबीआई ने महंगाई का अनुमान 6.8 फीसदी पर रखा है.
Posted By : Vishwat Sen
