सब्सिडी और मुफ्त उपहारों पर सरकार को आपत्ति नहीं, लेकिन नियमों में पारदर्शिता जरूरी : निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब आप सब्सिडी और मुफ्त उपहार देने के नियमों में पारदर्शिता रखेंगे तो कोई आपकी कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठायेगा. हम केवल पारदर्शिता और वैधानिक राजकोषीय नियमों का पालन करवाना चाहते हैं.

सब्सिडी और मुफ्त उपहारों पर कोई आपत्ति नहीं है जरूरत इस बात की है कि उन्हें प्रासंगिक बनाया जाये. अगर सब्सिडी और मुफ्त उपहारों का प्रावधान बजट में कर दिया जाये तो किसी को क्यों आपत्ति होगी. जब आपका राजस्व आयेगा और आप पैसा देंगे, तो कोई क्यों एतराज करेगा. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं किसानों को दी जाने वाली कई तरह की सब्सिडी पूरी तरह जायज है. उक्त बातें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में कही.

कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रही है राज्य सरकार

उन्होंने कहा कि ऐसी मीडिया रिपोर्ट है कि एक राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय पर नहीं कर पा रही है और कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वेतन के पैसे का उपयोग देश भर में कई अलग-अलग विज्ञापन देने के लिए किया जा रहा है.

पारदर्शिता आवश्यक

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब आप सब्सिडी और मुफ्त उपहार देने के नियमों में पारदर्शिता रखेंगे तो कोई आपकी कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठायेगा. हम केवल पारदर्शिता और वैधानिक राजकोषीय नियमों का पालन करवाना चाहते हैं.

 निर्मला सीतारमण ने दिया चर्चा का जवाब

निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में कोरोना काल के दौरान सरकार द्वारा टारगेटेड राहत प्रदान करने के कारण भारत की अर्थव्यवस्था के मंदी में नहीं जाने का दावा करते हुए कहा यह राहत किसी क्षेत्र को कोई तोहफा नहीं है, बल्कि विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए है. वित्त मंत्री राज्यसभा में अनुदान की अनुपूरक मांगों और अतिरिक्त मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उक्त बातें कही.

Also Read: Manipur: बच्चों से भरी दो स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त, पांच की मौत, 20 घायल, स्टडी टूर पर गए थे बच्चे, VIDEO

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >