IRCTC New Website: इसका बीटा वर्जन तैयार हो चुका है और जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों को दिखाकर उनका फीडबैक भी लिया गया है. रेलवे का कहना है कि नई वेबसाइट को भारतीय रेलवे के Passenger Reservation System (PRS) के साथ जोड़ा जा रहा है. पूरी तरह तैयार पोर्टल अगले कुछ महीनों में आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा.
क्या बदलने वाला है आपके लिए?
नई वेबसाइट की कोशिश टिकट बुकिंग को तेज, आसान और कम झंझट वाला बनाना है. रेलवे के मुताबिक इसमें चार बड़े बदलाव किए गए हैं.
| फीचर | यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा? |
| कैप्चा में बदलाव | बिना वजह बार-बार कैप्चा नहीं आएगा. फालतू पॉप-अप, चमकने वाले ग्राफिक्स और ध्यान भटकाने वाली चीजें भी हटाई जाएंगी. |
| सभी क्लास की सीटें | अब अलग-अलग क्लास में जाकर देखने की जरूरत नहीं होगी. सभी कैटिगरीज की खाली सीटें एक साथ दिखाई देंगी. |
| फास्ट चेकआउट | टिकट बुक करने के स्टेप्स कम होंगे, जिससे बुकिंग जल्दी पूरी होगी. |
| सेव पैसेंजर डिटेल्स | नाम, उम्र जैसी जानकारी पहले से सेव रहेगी, इसलिए हर बार दोबारा भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. |
नई वेबसाइट कब तक मिलेगी?
पिछले महीने जयपुर के MNIT दौरे के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि नई IRCTC वेबसाइट जुलाई में लॉन्च की जाएगी. अब IRCTC और Centre for Railway Information Systems (CRIS) के अधिकारियों ने 10 जुलाई को MNIT पहुंचकर छात्रों को इसका बीटा वर्जन दिखाया और उनसे सुझाव भी लिए. रेलवे ने बताया कि नई वेबसाइट को भारतीय रेलवे के Passenger Reservation System (PRS) से जोड़ा जा रहा है. चूंकि PRS सिस्टम भी एक साथ अपग्रेड हो रहा है, इसलिए पूरी तरह काम करने वाला नया IRCTC पोर्टल आने वाले कुछ महीनों में यात्रियों के लिए उपलब्ध होगा.
बीटा वर्जन क्या होता है?
बीटा वर्जन किसी वेबसाइट या ऐप का ऐसा वर्जन (version) होता है जिसे पहले कुछ चुनिंदा लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिया जाता है. उनके सुझाव और सामने आने वाली कमियों को ठीक करने के बाद ही फाइनल वर्जन सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाता है.
रेलवे टिकट सिस्टम में इतना बड़ा बदलाव क्यों हो रहा है?
रेलवे ने मई में बताया था कि करीब 40 साल पुराने Passenger Reservation System (PRS) को पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है. भारतीय रेलवे ने 2002 में ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू की थी और आज देश की करीब 88% ट्रेन टिकट बुकिंग ऑनलाइन होती है. बढ़ते ऑनलाइन ट्रैफिक और यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए इस पूरे सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है.
RailOne ऐप में पहले से मिल रहे हैं कुछ फीचर
अगर आपने RailOne ऐप इस्तेमाल किया है, तो नई वेबसाइट के कुछ फीचर आपको पहले से परिचित लगेंगे. इस ऐप में यात्री अपना नाम, उम्र, जेंडर और खाने की पसंद जैसी जानकारी पहले से सेव कर सकते हैं. इससे अगली बार टिकट बुक करते समय बार-बार डिटेल्स भरने की जरूरत नहीं पड़ती.
सरकार के मुताबिक, RailOne ऐप को अब तक 4 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं. यह अब ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए सबसे बड़े प्लेटफॉर्म में से एक बन चुका है. ऐप पर टिकट बुकिंग के अलावा रेलवे से जुड़ी शिकायत दर्ज करने और OTT कंटेंट देखने जैसी सुविधाएं भी एक ही जगह मिलती हैं.
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