New Income Tax Act: 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू, 64 साल पुराने नियम खत्म, सिगरेट-पान मसाला महंगा, कस्टम्स में राहत

New Income Tax Act: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टैक्स से जुड़े मुश्किल शब्द जैसे ‘असेसमेंट ईयर’ (Assignment Year) और ‘प्रीवियस ईयर’ (Previous Year) खत्म कर दिए जाएंगे. अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ (Tax Year) कहा जाएगा. इससे टैक्स भरते समय होने वाली कन्फ्यूजन कम होगी और आम आदमी के लिए पूरा सिस्टम समझना आसान हो जाएगा.

New Income Tax Act: केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से देश में नया इनकम टैक्स कानून (New Income Tax Act 2025) लागू करने जा रही है. इसके साथ ही 1961 से चला आ रहा 64 साल पुराना इनकम टैक्स कानून खत्म हो जाएगा. सरकार का कहना है कि नए कानून से टैक्स का सिस्टम आसान होगा, ताकि आम लोगों को नियम समझने में परेशानी न हो.

इस नए कानून से नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलेगी. नए टैक्स सिस्टम में अगर आपकी सालाना कमाई ₹12 लाख तक है, तो आपको कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. सरकार अब लोगों पर दबाव डालकर टैक्स लेने के बजाय चाहती है कि लोग खुद आसानी से और सही तरीके से टैक्स भरें.

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टैक्स से जुड़े मुश्किल शब्द जैसे ‘असेसमेंट ईयर’ (Assignment Year) और ‘प्रीवियस ईयर’ (Previous Year) खत्म कर दिए जाएंगे. अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ (Tax Year) कहा जाएगा. इससे टैक्स भरते समय होने वाली कन्फ्यूजन कम होगी और आम आदमी के लिए पूरा सिस्टम समझना आसान हो जाएगा.

₹12 लाख तक कमाने वालों को टैक्स नहीं देना होगा

नए टैक्स सिस्टम में जो राहत 2025 में मिली थी, वही 2026 में भी रहेगी. मतलब अगर आपकी सालाना कमाई ₹12 लाख तक है, तो कोई इनकम टैक्स नहीं. अलग-अलग छूट और कटौती का झंझट नहीं. सीधा और साफ टैक्स स्लैब. ज्यादा कमाने वालों के लिए टैक्स धीरे-धीरे बढ़ेगा, और ₹24 लाख से ऊपर कमाई पर 30% टैक्स लगेगा.

सिगरेट और पान मसाला अब और महंगे होंगे

सरकार कुछ खास चीज़ों पर टैक्स बढ़ाने की तैयारी में है, जिसमें सबसे पहले सिगरेट और पान मसाला शामिल हैं. इन दोनों पर अब GST के अलावा अलग से नया टैक्स लगाया जाएगा. सरकार का मानना है कि ये चीजे सेहत के लिए नुकसानदेह हैं, इसलिए इनसे ज्यादा टैक्स लेकर राजस्व भी बढ़ाया जाएगा और लोगों को इनका कम इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा.

GST में अब कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा

2025 में GST के रेट में बड़े बदलाव किए गए थे और 2026 में वही व्यवस्था जारी रहेगी. अगले साल भी ज्यादातर सामान और सेवाएं 5% या 18% GST के दायरे में रहेंगी, जबकि महंगे और नुकसानदेह सामान पर ज्यादा टैक्स लगेगा. कुल मिलाकर सरकार चाहती है कि GST सिस्टम अब स्थिर रहे, ताकि आम लोग और व्यापारी बिना किसी भ्रम के अपना काम आसानी से कर सकें.

अब सरकार कस्टम ड्यूटी पर ध्यान देगी

इनकम टैक्स और GST में सुधार के बाद अब सरकार का फोकस कस्टम ड्यूटी पर होगा. कस्टम टैक्स के कई स्लैब पहले ही कम किए जा चुके हैं और आगे आयात-निर्यात की प्रक्रिया को और आसान बनाने की तैयारी है. इसका फायदा यह होगा कि विदेश से सामान मंगाना या बाहर भेजना थोड़ा आसान और सस्ता हो सकता है.

कस्टम्स भी अब डिजिटल होगा

जिस तरह इनकम टैक्स सिस्टम अब ऑनलाइन और फेसलेस हो चुका है, उसी तरह कस्टम्स को भी डिजिटल बनाया जाएगा. इससे बंदरगाहों पर सामान अटकने की समस्या कम होगी, कागजी कार्रवाई घटेगी और कारोबारियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. कुल मिलाकर कस्टम्स प्रक्रिया ज्यादा तेज और पारदर्शी हो जाएगी.

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By Abhishek pandey

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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