मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल नहीं लिया कोई वेतन, बिना सैलरी के कैसे होती है करोड़ों की कमाई?

Mukesh Ambani Zero Salary : एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल रिलायंस इंडस्ट्रीज से ₹1 भी वेतन नहीं लिया. जानिए बिना सैलरी के भी वो कैसे कमाते हैं और उनके बच्चों ईशा, आकाश व अनंत को कितनी फीस मिली.

Mukesh Ambani Zero Salary : एशिया के सबसे अमीर और दुनिया के 18वें सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने इस साल भी एक अनोखा रिकॉर्ड कायम रखा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 69 वर्षीय मुकेश अंबानी ने लगातार छठे वर्ष अपनी ही कंपनी से ₹1 का भी वेतन (Salary) या कोई अन्य भत्ता नहीं लिया है.

कोविड-19 महामारी के दौरान स्वेच्छा से वेतन छोड़ने का जो फैसला उन्होंने लिया था, उसे उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में भी जारी रखा है. आइए समझते हैं कि बिना सैलरी लिए भी मुकेश अंबानी की कमाई कैसे होती है और रिलायंस के अन्य शीर्ष अधिकारियों व उनके बच्चों को कितना पारिश्रमिक मिला.

₹15 करोड़ की सैलरी से ‘जीरो सैलरी’

मुकेश अंबानी ने कॉर्पोरेट जगत में संयम और नेतृत्व की मिसाल पेश करने के लिए अपने वेतन में कई बड़े बदलाव किए हैं.

  • 2008-09 से 2019-20 तक: मुकेश अंबानी ने अपनी सालाना सैलरी को ₹15 करोड़ पर सीमित (Cap) कर दिया था, जबकि नियमों के मुताबिक वह इससे कहीं ज्यादा ले सकते थे.
  • 2020-21 (कोरोना काल) से अब तक: कोविड-19 महामारी के समय उन्होंने स्वैच्छिक रूप से अपनी पूरी सैलरी छोड़ दी. उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक कंपनी के सभी बिजनेस अपनी पूरी क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, वह वेतन नहीं लेंगे. अब वित्त वर्ष 2025-26 में भी उन्होंने कोई वेतन, भत्ता, सुविधाएं या सेवानिवृत्ति लाभ (Retirement Benefits) नहीं लिया है.
  • 2029 तक यही नियम: साल 2023 में उन्हें अप्रैल 2029 तक (5 साल के लिए) फिर से रिलायंस का प्रमुख नियुक्त किया गया था. इस आगामी अवधि के लिए भी उन्होंने वेतन न लेने का फैसला किया है.

बिना सैलरी मुकेश अंबानी कैसे कमाते हैं करोड़ों रुपये?

करीब 100 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के मालिक मुकेश अंबानी की कमाई का मुख्य जरिया लाभांश (Dividend) है. रिलायंस इंडस्ट्रीज में मुकेश अंबानी के पास सीधे तौर पर 1.61 करोड़ शेयर्स की हिस्सेदारी है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर के लाभांश (Dividend) के आधार पर उन्हें केवल अपने डायरेक्ट शेयर्स से ₹9.66 करोड़ की लाभांश आय हुई.

इसके अलावा प्रमोटर ग्रुप और अन्य होल्डिंग्स के जरिए भी डिविडेंड का एक बड़ा हिस्सा उन तक पहुंचता है. यह फैसला तब आया है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹95,754 करोड़ का अब तक का सबसे रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है और कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹18.19 लाख करोड़ रही है.

ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को कितनी मिली फीस?

अंबानी के तीनों बच्चों—ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को अक्टूबर 2023 में रिलायंस के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया था. उन्हें कंपनी से कोई नियमित मासिक वेतन नहीं मिलता है. उन्हें केवल बोर्ड की बैठकों में शामिल होने की फीस (Sitting Fees) और मुनाफे पर कमीशन मिलता है. इस साल आकाश और ईशा अंबानी को ₹5-5 लाख बैठक शुल्क और ₹2.5-2.5 करोड़ का कमीशन मिला है.

रिलायंस के बाकी टॉप बॉस की कितनी है सैलरी?

जहां मुकेश अंबानी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं, वहीं कंपनी के अन्य कार्यकारी निदेशकों (Executive Directors) का पारिश्रमिक इस प्रकार रहा:

अधिकारी का नामपदवित्त वर्ष 2025-26 का पारिश्रमिक (Salary + Commission)
निखिल मेसवानीचचेरे भाई व कार्यकारी निदेशक₹25 करोड़
हितल मेसवानीचचेरे भाई व कार्यकारी निदेशक₹25 करोड़
पी एम एस प्रसादकार्यकारी निदेशक₹20.58 करोड़ (पिछले साल ₹19.96 करोड़ था)

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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