देश में स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग के बीच Loom Solar ने कुछ ही वर्षों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक खास पहचान बनाई है. वर्ष 2018 में एक स्टार्टअप के रूप में शुरू हुई यह कंपनी, आज सोलर एनर्जी सॉल्यूशंस और घरेलू विनिर्माण (डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में तेज़ी से उभर रही है. Loom Solar का लक्ष्य केवल सोलर पैनल बेचना नहीं है, बल्कि ग्राहकों की ज़रूरतों को समझते हुए भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुकूल सही समाधान देना भी है.
संस्थापक की सोच और ग्राहक-केंद्रित मॉडल
कंपनी के संस्थापक अमोल आनंद ने अपने कॉर्पोरेट करियर को अलविदा कहकर नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के क्षेत्र में कदम रखा. उनका उद्देश्य एक ऐसी कंपनी बनाना था, जो भारत को स्वच्छ, किफायती और आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर ले जाने में योगदान दे सके. इसी दूरदर्शी सोच के साथLoom Solar ने शुरुआत से ही 'कस्टमर फर्स्ट' (ग्राहक-केंद्रित) मॉडल अपनाया, जिसके तहत उत्पाद बनाने से पहले उपभोक्ताओं की वास्तविक ऊर्जा ज़रूरतों का गहराई से अध्ययन किया गया.
डिजिटल-फर्स्ट रणनीति से बनाई पहचान
Loom Solar की सफलता और पहचान बनाने में उसकी 'डिजिटल-फर्स्ट' रणनीति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कंपनी ने YouTube, Facebook और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए सौर ऊर्जा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया. जानकारीपूर्ण वीडियो और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से देश भर के लाखों लोगों तक पहुँच बनाकर, कंपनी ने सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए आम जनता को प्रेरित किया.
D2C मॉडल और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
कंपनी ने 'डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर' (D2C) मॉडल के साथ-साथ अपने स्थानीय डिस्ट्रीब्यूशन और सेल्स नेटवर्क को भी काफी मजबूत किया है. आज देश के सैकड़ों जिलों में कंपनी की सीधी पहुँच है, जिससे ग्राहकों को त्वरित सेवा, बेहतर मार्गदर्शन और त्वरित तकनीकी सहायता मिल पा रही है.
मौजूदा उत्पाद पोर्टफोलियो
वर्तमान में कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में SHARK सोलर मॉड्युल्स, Fusion इनवर्टर्स और CAML बैटरियां शामिल हैं. ये उत्पाद आवासीय और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के ग्राहकों की विविध ऊर्जा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा कर रहे हैं.
भविष्य का विजन – BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम)
कंपनी अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में विकास का अगला बड़ा अवसर मान रही है. इसी दिशा में Loom Solar वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के लिए लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी से लैस उच्च क्षमता वाले अत्याधुनिक बैटरी स्टोरेज सॉल्यूशंस विकसित कर रही है.
सरकारी योजनाओं से सौर ऊर्जा को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक, कृषि और यूटिलिटी—हर स्तर पर सौर ऊर्जा का तेजी से विस्तार हो रहा है. 'पीएम सूर्य घर' और 'पीएम-कुसुम' जैसी सरकारी योजनाओं ने सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है. विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में सोलर पावर को बैटरी एनर्जी स्टोरेज के साथ जोड़ने से दिन और रात, दोनों समय निर्बाध और विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति संभव हो सकेगी.
सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज पर फोकस
कंपनी का मानना है कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता का अगला चरण 'सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज'मॉडल ही होगा. इसी दूरदर्शी सोच के साथ, कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमता (मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी) को बढ़ाने, आधुनिक ऊर्जा समाधान विकसित करने और देश में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति को गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है.
BESS में नए अवसर
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तेज़ी से बीते वर्षों में सौर ऊर्जा का विस्तार हुआ है, ठीक उसी तरह आने वाले समय में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) इस उद्योग की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली श्रेणी बन सकता है. ऐसे में सौर ऊर्जा के साथ ऊर्जा भंडारण तकनीक का विकास भारत के ऊर्जा क्षेत्र में असीमित संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा.
