लाड़ली बहना योजना : 40वीं किस्त आने से पहले निपटा लें ये 3 काम, वरना खाते में नहीं आएंगे ₹1500

लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त के ₹1500 पाने के लिए महिलाओं को जल्द ही तीन जरूरी काम पूरे करने होंगे. यह जानकारी डॉ मोहन यादव सरकार की तरफ से दी गई है. जिन महिलाओं ने इन कामों को पूरा नहीं किया, उनके पैसे अटक सकते हैं.

Ladli Behna Yojana 40th Installment: लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं को लेकर जरूरी खबर है. मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार 15 सितंबर तक किस्त के 1500 रुपये जारी कर सकती है. लेकिन इससे पहले आपको तीन जरूरी काम निपटाने होंगे, नहीं तो आपकी 40वीं किस्त का पैसा अटक सकता है. वो तीन काम कौन-कौन से हैं, यहां हम आपको बताने वाले हैं. साथ ही यह भी बताएंगे कि इन तीनों जरूरी कामों को आप कैसे पूरा कर सकती हैं.

लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त का पैसा आने से पहले आपको अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कराना होगा. दूसरा, बैंक खाते में DBT इनेबल करा लें. तीसरा और आखिरी है, e-KYC. ये तीनों काम नहीं कराने पर 40वीं किस्त जारी होने के बाद भी आपका पैसा खाते में नहीं आएगा.

e-KYC कैसे करवाएं?

  • बहनें अपने पास की किसी भी राशन दुकान, एमपी ऑनलाइन सेंटर या सीएससी (CSC) कियोस्क में जाकर अपनी समग्र e-KYC करवा सकती हैं.
  • इसके लिए बहनों को कोई भी राशि नहीं देनी होगी, सरकार प्रत्येक e-KYC के लिए सीधे कियोस्क को 15 रुपये दे रही है.


AI फोटो

बैंक खाते को आधार से लिंक कैसे कराएं?

  • जिस बैंक में लाड़ली बहना योजना का खाता है, उसकी शाखा में जाएं.
  • काउंटर से आधार सीडिंग फॉर्म लें.
  • फॉर्म में अपना खाता नंबर और आधार नंबर भरें.
  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी पर हस्ताक्षर/अंगूठा लगाकर फॉर्म के साथ जमा कर दें.

DBT (Direct Benefit Transfer) एक्टिव कैसे कराएं?

  • महिला को अपनी बैंक शाखा या बैंक के नजदीकी कियोस्क (CSC/ग्राहक सेवा केंद्र) जाना होगा.
  • वहां आधार लिंक और DBT चालू कराने का सहमति फॉर्म भरकर जमा करना होगा.
  • इसके बाद बैंक आपकी ई-केवाईसी (अंगूठे के निशान या बायोमेट्रिक) के जरिए सत्यापन करेगा और आपके खाते में आधार लिंक व DBT सुविधा तुरंत चालू कर देगा.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

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