शून्य से शिखर तक, जानें 30 सालों में कोटक महिंद्रा बैंक ने कैसे रचा इतिहास
Kotak Mahindra Bank 30 years on NSE: कोटक बैंक ने NSE पर लिस्टिंग के 30 साल पूरे कर लिए हैं. यह बैंक अब 4.2 ट्रिलियन रुपये की मार्केट वैल्यू के साथ भारत का सबसे बड़ा फाइनेंशियल पावरहाउस बन चुका है.
Kotak Mahindra Bank 30 years on NSE: क्या आपको पता है कि आज हम जिस बड़े कोटक महिंद्रा बैंक को देखते हैं, उसकी शुरुआत 80 के दशक में एक बहुत ही छोटी सी फाइनेंस कंपनी (NBFC) के तौर पर हुई थी? हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में इस बैंक ने अपनी लिस्टिंग के 30 साल पूरे किए हैं. इस खास मौके पर NSE में एक शानदार ‘बेल-रिंगिंग’ सेरेमनी हुई. यह सिर्फ एक बैंक की सालगिरह नहीं है, बल्कि यह कहानी है उस भरोसे की जिसने भारत के बदलते हुए मार्केट के साथ कदम से कदम मिलाकर खुद को इतना बड़ा बनाया है. आज कोटक सिर्फ एक बैंक नहीं, बल्कि एक ऐसा नाम बन चुका है जिसने डिजिटल इंडिया और मॉडर्न बैंकिंग को नई दिशा दी है.
आज कोटक बैंक कितना बड़ा बन चुका है?
अगर हम नंबर्स की बात करें, तो कोटक महिंद्रा बैंक की कामयाबी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है. आज इस बैंक की मार्केट वैल्यू (मार्केट कैपिटलाइजेशन) लगभग 4.2 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गई है. 30 सितंबर 2025 तक के डेटा के मुताबिक, बैंक की कुल कस्टमर एसेट्स 576,339 करोड़ रुपये रही थी और फाइनेंशियल ईयर 2025 में इनका मुनाफा 22,126 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था. इतना ही नहीं, कोटक ग्रुप की कुल बैलेंस शीट अब 9.1 ट्रिलियन रुपये की हो चुकी है. देशभर में उनकी 5,511 ब्रांचों का एक बड़ा नेटवर्क है, जो दिखाता है कि एक छोटी शुरुआत भी अगर सही नीयत और मेहनत से हो, तो आसमान छुआ जा सकता है.
युवाओं और कस्टमर्स के लिए कोटक की क्या सोच है?
बैंक के एमडी और सीईओ अशोक वासवानी का मानना है कि यह 30 साल का सफर असल में भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने का सफर है. उनका कहना है कि कोटक की सबसे बड़ी ताकत उनके ग्राहकों का भरोसा है. बैंक का फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कस्टमर के लिए क्या सही है. चाहे लोन लेना हो, इंश्योरेंस हो या शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना, कोटक ने हर चीज को आसान बनाने की कोशिश की है. वहीं NSE के सीईओ आशीष कुमार चौहान ने भी इस मौके पर कहा कि कोटक की यह जर्नी भारत के कैपिटल मार्केट की मजबूती और उसमें लोगों की बढ़ती भागीदारी का एक बड़ा उदाहरण है.
क्या कोटक सिर्फ बैंकिंग तक ही सीमित है?
नहीं, कोटक आज एक ‘कॉग्लोमरेट’ यानी एक ऐसी बड़ी कंपनी बन चुका है जो सिर्फ बैंकिंग ही नहीं, बल्कि फाइनेंस की हर जरूरत को पूरा करती है. 1985 में शुरू हुए इस ग्रुप ने खुद को लगातार बदला है. आज यह एसेट मैनेजमेंट, स्टॉक मार्केट और प्रोटेक्शन (इंश्योरेंस) जैसे हर सेक्टर में मौजूद है. इनका मंत्र सीधा है ‘कस्टमर के साथ सही करना’. अपनी इसी सोच और डिजिटल टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने की वजह से कोटक आज न केवल पुराने लोगों का, बल्कि टेक-सैवी युवाओं और जेन-जी (GenZ) का भी पसंदीदा बना हुआ है.
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