PM Kisan Yojana: नहीं कराया ये दो काम तो अटक सकता है 13वीं किस्त का पैसा, जानें कब आएगा खाते में पैसा

PM Kisan Yojana: किसानों के खाते में योजना के तहत अब तक 12 किस्त आ चुके हैं. अब किसानों को बेसब्री से 13वीं किस्त (13th installment) का इंतजार है. इस बार उन्हीं किसानों को योजना की रकम मिलेगी जिन्होंने यह दो काम कराया हुआ है.

PM Kisan Yojana: अगर आप किसान हैं और पीएम किसान योजना (Kisan Samman Nidhi) के लाभुक भी हैं तो आपको सम्मान निधि की 13वीं किस्त (PM Kisan Yojana 13th installment) का जरूर इंतजार होगा. सरकार जल्द ही किसानों के खाते में सम्मान निधि की अगली किस्त यानी 13वीं किस्त डालने वाली है. जो कभी भी आपके खाते में आ सकती है. दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार किसानों को आर्थिक मदद देने के इरादे से इस योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत सरकार साल में तीन बार किसानों के खातों में पैसा डालती है.

नहीं मिलेगा पैसा: किसानों के खाते में योजना (Kisan Samman Nidhi) के तहत अब तक 12 किस्त आ चुके हैं. अब किसानों को बेसब्री से 13वीं किस्त (13th installment) का इंतजार है.  हालांकि बीते साल जनवरी महीने के पहले सप्ताह में ही किसानों के खाते में पैसा आ गया था, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार जल्द ही किसानों के खातों में पैसा डाल सकती है. लेकिन इस बार उन्हीं किसानों को योजना की रकम मिलेगी जिन्होंने यह दो काम कराया हुआ है. यहां जानते है कि किस्त लेने के लिए कौन से दो काम करवाने जरूरी है.

जरूरी हैं ये दो काम: किसानों के खाते में योजना की रकम आये इसके लिए जरूरी है किसान भू-सत्यापन और ई-केवाईसी करवा लें. अगर यह काम नहीं कराया है तो आपके खाते में योजना की रकम नहीं आएगी.

भू-सत्यापन: किसानों के लिए जरूरी है कि अपनी जमीन का सत्यापन करा लें. यदि योजना के लाभुक किसानों ने भू-सत्यापन नहीं करवाया तो पैसा अटक सकता है. योजना के लाभार्थी 13वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं. ऐसे में अभी तक अगर आपने भू-सत्यापन नहीं करवाया है तो अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में जाकर भू-सत्यापन जरूर करा लें.

ई-केवाईसी: भू-सत्यापन के अलावा किसानों को ई-केवाईसी (E-kyc PM Kisan Yojana) कराना भी जरूरी है. अगर अभी तक आपने ई-केवाईसी नहीं कराया है तो इसे जल्द से जल्द करा लें. ई-केवाईसी के बिना आपकी 13वीं किस्त के पैसे अटक भी सकते हैं. पीएम किसान योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी बेहद जरूरी है. यदि आप ई-केवाईसी करवाना चाहते हैं तो अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर इसे करवा सकते हैं. यही नहीं घर बैठे किसान पोर्टल pmkisan.gov.in के जरिए भी ई-केवाईसी करा सकते हैं. 

Also Read: कर्तव्य पथ पर खास होगा इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह, बतौर मुख्य अतिथि इस देश के राष्ट्राध्यक्ष होंगे शामिल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >