क्या युगांडा में स्टार्टअप हैं सुरक्षित? वसुंधरा ओसवाल की याचिका ने बढ़ाई चिंता

Vasundhara Oswal Uganda Case: वसुंधरा ओसवाल ने युगांडा में स्टार्टअप और विदेशी निवेश की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं. जानिए अवैध हिरासत के खिलाफ हाई कोर्ट में उनकी याचिका ने हलचल क्यों मचा दी है.

Vasundhara Oswal Uganda Case: भारतीय मूल की जानी-मानी बिजनेस विमेन वसुंधरा ओसवाल ने युगांडा के हाई कोर्ट में एक मानवाधिकार याचिका दायर कर सनसनी मचा दी है. ओसवाल ग्रुप ग्लोबल की डायरेक्टर वसुंधरा ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है.

वसुंधरा ओसवाल को क्यों किया गया गिरफ्तार?

वसुंधरा ओसवाल के मुताबिक, उन्हें अक्टूबर 2024 में एक जांच के दौरान गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया था. याचिका में कहा गया है कि:

  • उन्हें बिना किसी ठोस सबूत के 21 दिनों तक हिरासत में रखा गया.
  • कोर्ट द्वारा रिहाई का आदेश दिए जाने के बावजूद उन्हें जेल में ही रखा गया.
  • हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों से वंचित रखा गया.

किन पुलिस अधिकारियों पर गिरेगी गाज?

इस याचिका में वसुंधरा ने किसी छोटे कर्मचारी को नहीं, बल्कि युगांडा पुलिस के बड़े अधिकारियों को घेरा है. इसमें शामिल हैं:

  • युगांडा के असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल और इंटरपोल डायरेक्टर.
  • इंटरपोल के पूर्व पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी.
  • वसुंधरा ने अपनी जब्त संपत्तियों की वापसी और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजे (Compensation) की मांग की है.

क्या अब युगांडा में निवेश करना सुरक्षित है?

यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत लड़ाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नजरिए से भी महत्वपूर्ण है:

  • कानूनी जानकारों का कहना है कि यह केस विदेशी निवेशकों की सुरक्षा के लिए एक परीक्षा की तरह है.
  • वसुंधरा के परिवार ने मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) के ‘वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिट्रेरी डिटेंशन’ का दरवाजा भी खटखटाया है.
  • इतनी कड़वाहट के बावजूद, ओसवाल परिवार ने कहा है कि वे युगांडा की न्याय व्यवस्था पर भरोसा करते हैं और वहां अपना बिजनेस जारी रखेंगे.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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