Share Market Crash: शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी तेजी के बाद गुरुवार को अचानक ब्लैक डे जैसी स्थिति देखने को मिली. बाजार की शुरुआत तो बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन देखते ही देखते बिकवाली की ऐसी आंधी चली कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए. इस गिरावट ने निवेशकों की झोली से करीब 7.55 लाख करोड़ रुपये साफ कर दिए.
बाजार का हाल, सेंसेक्स 1200+ अंक टूटा
कारोबार के दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहा. एक समय सेंसेक्स 1400 अंक तक नीचे चला गया था, लेकिन क्लोजिंग तक यह 1236 अंकों की भारी गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 भी करीब 1% (400 अंक) फिसलकर 25,454 के करीब आ गया. इस गिरावट के बाद बीएसई (BSE) का कुल मार्केट कैप घटकर 464 लाख करोड़ रुपये रह गया है.
इन बड़े शेयरों ने बढ़ाई टेंशन
बाजार को नीचे खींचने में दिग्गज कंपनियों (Heavyweights) का सबसे बड़ा हाथ रहा:
- HDFC Bank, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank में भारी बिकवाली दिखी.
- Reliance Industries, Larsen & Toubro, Hindustan Unilever और ITC जैसे शेयरों में भी कमजोरी रही.
- गिरते बाजार में केवल IT सेक्टर ने थोड़ी जान फूंकी. Infosys और TCS के शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई, लेकिन यह पूरे बाजार को संभालने के लिए काफी नहीं थी.
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
बाजार के जानकारों के अनुसार, इस अचानक आई गिरावट की कई वजहें हैं:
- दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है.
- अनिश्चितता के माहौल में निवेशक जोखिम भरे शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोना और सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों में लगा रहे हैं.
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 70.61 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है.
- तीन दिन की तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी.
क्या कहते हैं आंकड़े?
हैरानी की बात यह है कि इतनी गिरावट के बावजूद विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (FIIs & DIIs) ने खरीदारी जारी रखी. विदेशी निवेशकों ने करीब 1,154 करोड़ रुपये और घरेलू निवेशकों ने 440 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
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