ITR Refund Status: इस बार कई टैक्सपेयर्स को पहले के मुकाबले काफी जल्दी रिफंड मिल रहा है. जहां पहले रिफंड आने में कई हफ्ते या महीनों का समय लग जाता था, वहीं अब कई सैलरीड लोगों के खाते में 7 से 10 वर्किंग डेज के भीतर ही पैसा पहुंच रहा है.
हालांकि, हर टैक्सपेयर के साथ ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है. रिफंड मिलने का समय आपके रिटर्न की जानकारी, ई-वेरिफिकेशन और विभाग की जांच पर निर्भर करता है.
इस बार रिफंड जल्दी क्यों मिल रहा है?
इनकम टैक्स विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में रिफंड प्रोसेस को काफी तेज बनाया है. इसकी सबसे बड़ी वजह Centralised Processing Centre (CPC) में बढ़ी ऑटोमेशन और डेटा की तेज जांच है. अब विभाग आपके रिटर्न को AIS (Annual Information Statement), TIS, Form 26AS, TDS डिटेल्स, प्री-फिल्ड ITR और बैंकों, कंपनियों, ब्रोकर्स समेत अन्य संस्थाओं से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा से तुरंत मिलान करता है. अगर सारी जानकारी सही मिलती है, तो रिटर्न बिना ज्यादा देरी के प्रोसेस हो जाता है और रिफंड भी जल्दी जारी हो सकता है.
रिफंड कब से शुरू होता है और कितने दिन लगते हैं?
ध्यान रखें कि ITR फाइल करना ही काफी नहीं है. रिफंड की प्रक्रिया तभी शुरू होती है, जब आप अपना रिटर्न e-Verify कर देते हैं. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, e-Verification के बाद आमतौर पर 4 से 5 सप्ताह में रिफंड आपके बैंक खाते में आ सकता है. लेकिन इस बार शुरुआती ट्रेंड बता रहे हैं कि जिन सैलरीड लोगों का रिटर्न सीधा-सादा है और जिनकी जानकारी विभाग के रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाती है, उन्हें कई मामलों में 7-10 वर्किंग डेज के भीतर ही रिफंड मिल रहा है.
किस वजह से रिफंड अटक सकता है?
सिस्टम पहले से तेज जरूर हुआ है, लेकिन अब वह पहले से ज्यादा सतर्क भी है. यानी छोटी-सी गलती भी रिफंड में देरी की वजह बन सकती है.
इन बातों का खास ध्यान रखें—
- ITR फाइल करने के बाद समय पर e-Verification जरूर करें.
- बैंक खाते की जानकारी बिल्कुल सही दें, क्योंकि रिफंड उसी खाते में भेजा जाता है.
- AIS, TDS, Form 26AS और अपने ITR में दी गई जानकारी का आपस में मिलान कर लें.
- आय, टैक्स या डिडक्शन से जुड़ी गलत जानकारी न भरें.
अगर आपकी दी गई जानकारी और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर मिलता है, तो रिटर्न की दोबारा जांच हो सकती है और रिफंड आने में ज्यादा समय लग सकता है. इसके अलावा, कुछ रिटर्न इनकम टैक्स विभाग के ऑटोमेटेड रिस्क फिल्टर में भी चले जाते हैं. यह सिस्टम उन मामलों की पहचान करता है, जहां आय कम दिखाई गई हो या किसी तरह की अतिरिक्त जांच की जरूरत हो. ऐसे मामलों में भी रिफंड में देरी हो सकती है.
घर बैठे रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका रिफंड कहां तक पहुंचा है, तो इसका स्टेटस ऑनलाइन कुछ मिनटों में देखा जा सकता है.
इसके लिए ये आसान स्टेप्स अपनाएं—
- Income Tax e-Filing Portal पर लॉग इन करें.
- e-File सेक्शन में जाएं.
- Income Tax Returns पर क्लिक करें.
- View Filed Returns ऑप्शन चुनें.
- जिस Assessment Year का रिटर्न देखना है, उसके सामने View Details पर क्लिक करें.
इसके बाद आपको स्क्रीन पर अपने रिफंड का लेटेस्ट स्टेटस दिखाई देगा.
ये भी पढ़ें: बिना हेल्थ इंश्योरेंस वाले सीनियर सिटिजन के मेडिकल खर्च पर मिलेगी ₹50,000 तक टैक्स छूट, जानिए Section 80D के नियम
