Indian Stock Market Crash: वेस्ट एशिया में अचानक बढ़े युद्ध के तनाव ने भारतीय शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है. सोमवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखी गई है. इस जीओ-पोलिटिकल उथल-पुथल के कारण कुछ ही मिनटों में निवेशकों के 7.8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए.
बाजार में मची इस खलबली के पीछे के मेन रीजन्स यहां दिए गए हैं:
क्या युद्ध के कारण डूबी पूंजी?
जी हां, बाजार में इस क्रैश की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में भड़की जंग है. अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए कथित हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के मारे जाने की खबरों ने दुनिया भर के बाजारों में दहशत फैला दी है.
क्या ईरान का पलटवार बना मुसीबत?
बिल्कुल, खामेनेई की मौत के बाद ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमलों ने डर को और बढ़ा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है, जिससे वित्तीय बाजारों पर बुरा असर पड़ रहा है.
तेल की आग से बाजार क्यों झुलसा?
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. डर इस बात का है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर सकता है, जहां से दुनिया का 20% से अधिक तेल गुजरता है. अगर ऐसा हुआ, तो पेट्रोल-डीजल महंगा होगा और महंगाई बढ़ेगी.
क्या सोना खरीदना ही बेहतर विकल्प है?
हालात को देखते हुए निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं. इसका असर यह हुआ कि सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आया है. वहीं, बाजार में बिकवाली के कारण रिलायंस, एलएंडटी और अदानी पोर्ट्स जैसे बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है.
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