शेयर बाजार की गिरावट में निवेशकों का 4.92 लाख करोड़ स्वाहा, भारती एयरटेल को सबसे अधिक नुकसान

Investors Loss: शेयर बाजार की इस गिरावट से भले ही निवेशकों को भारी नुकसान हुआ हो, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत फंडामेंटल्स के चलते आने वाले समय में बाजार फिर से सुधार की ओर बढ़ेगा.

Investors Loss: शेयर बाजार में भारी गिरावट की वजह से मंगलवार को निवेशकों की संपत्ति 4.92 लाख करोड़ रुपये घट गई. इस दौरान लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,064.12 अंक या 1.30% गिरकर 80,684.45 अंक पर बंद हुआ. इससे बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,644.06 करोड़ रुपये घटकर 4,55,13,913.24 करोड़ रुपये रह गया. बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.

शेयर बाजार में मचा रहा हाहाकार

एशियाई बाजारों में तेज गिरावट और बिकवाली की वजह से मंगलवार 17 दिसंबर 2024 को शेयर बाजार में हाहाकार मच गया. कारोबार के आखिर में बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1091.71 अंक या 1.34% की तेज गिरावट के साथ 80,656.86 अंक पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एपएसई) का निफ्टी 332.25 अंक 1.35% का गोता लगाकर 24,336.00 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स की सभी कंपनियों को नुकसान

सेंसेक्स के शेयरों में सभी कंपनियां नुकसान में बंद हुईं. सेंसेक्स में कुल 30 कंपनियों लिस्टेड हैं. इस दौरान भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा नुकसान में रहे.

क्या रहा गिरावट का कारण

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय बाजार पर दबाव देखा गया. निवेशकों की ओर से मुनाफा निकालने की प्रवृत्ति ने बिकवाली को और तेज किया. डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली बढ़ गई. बैंकिंग, आईटी, और मेटल सेक्टर के शेयरों में अधिक गिरावट रही.

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बाजार की गिरावट अस्थायी

विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है. निवेशकों को घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से अच्छी कंपनियों में निवेश करने पर ध्यान देना चाहिए. बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एसआईपी (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए निवेश करना सही रणनीति हो सकती है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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