भारत के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए अगस्त 2026 के आंकड़े अच्छी तस्वीर पेश करते हैं. कपड़े, धागे, कालीन और हस्तशिल्प समेत कई प्रमुख उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कपड़ा मंत्रालय के मुताबिक, अगस्त में भारत का कुल टेक्सटाइल एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 16.1% बढ़कर ₹29,776 करोड़ पहुंच गया. अगस्त 2025 में यह आंकड़ा ₹25,656 करोड़ था.
अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान भी टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी जारी रही. इस पांच महीने की अवधि में कुल निर्यात ₹1.43 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.3% अधिक है.
ये भी पढ़ें: भारत ने पाकिस्तान-चीन Boundary Joint Commission को खारिज किया, कहा- कोई कानूनी आधार नहीं
हस्तशिल्प की विदेशों में मांग सबसे तेज बढ़ी
अगस्त में प्रमुख टेक्सटाइल सेगमेंट में सबसे तेज वृद्धि हस्तशिल्प में दर्ज की गई. हाथ से बने कालीन को छोड़कर अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का एक्सपोर्ट 41.4% बढ़ा. अप्रैल-अगस्त की अवधि में भी हस्तशिल्प एक्सपोर्ट में 44% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.
कॉटन यार्न, फैब्रिक, मेड-अप्स और हैंडलूम उत्पादों के निर्यात में अगस्त में 24.1% की वृद्धि हुई. इसी तरह मैन-मेड यार्न, फैब्रिक और मेड-अप्स का एक्सपोर्ट 19.9% बढ़ा. कारपेट एक्सपोर्ट में 15% की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, रेडीमेड गारमेंट्स ने भी सकारात्मक रफ्तार बनाए रखी और अगस्त में इनके निर्यात में 6.1% की बढ़ोतरी हुई.
ये भी पढ़ें: PM Vishwakarma Yojana: कारीगरों को ₹15,000 का टूलकिट और ₹3 लाख तक लोन, जानें कौन ले सकता है लाभ
अप्रैल-अगस्त में भी कई सेक्टर की मजबूत ग्रोथ
सिर्फ अगस्त ही नहीं, अप्रैल से अगस्त के दौरान भी भारत के प्रमुख टेक्सटाइल सेगमेंट में निर्यात बढ़ा. इस अवधि में कॉटन टेक्सटाइल का एक्सपोर्ट 18%, मैन-मेड टेक्सटाइल 13.6% और कारपेट 11.9% बढ़ा. हस्तशिल्प में 44% की वृद्धि दर्ज की गई.
कपड़ा मंत्रालय के अनुसार, अलग-अलग सेगमेंट में लगातार हो रही बढ़ोतरी भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट बास्केट में विविधता और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा को दिखाती है. मंत्रालय ने इसके पीछे बेहतर बाजार पहुंच, नीतिगत कदम, वैल्यू एडिशन और नए बाजारों पर फोकस जैसे प्रयासों को प्रमुख कारणों में बताया है.
टेक्सटाइल सेक्टर भारत के मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है. ऐसे में निर्यात में यह बढ़ोतरी घरेलू टेक्सटाइल उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
