Indian Stock Market 19 January 2026: सोमवार सुबह जब शेयर बाजार खुला, तो निवेशकों के चेहरे पर वो रौनक नहीं थी जो अक्सर हफ्ते की शुरुआत में होती है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में नीचे की तरफ लुढ़कते हुए नजर आए. असल में, ग्लोबल मार्केट से जो खबरें आ रही हैं, उन्होंने निवेशकों को थोड़ा डरा दिया है. इसे आप ‘टैरिफ टैंट्रम्स’ यानी टैक्स और शुल्कों को लेकर मची खलबली कह सकते हैं. सुबह 9:17 बजे तक ही सेंसेक्स करीब 352 अंक गिरकर 83,218 पर आ गया और निफ्टी में भी 109 अंकों की गिरावट देखी गई. बाजार खुलने से पहले ही इशारे मिल रहे थे कि आज का दिन थोड़ा भारी रहने वाला है.
क्या ट्रंप की धमकियों ने बिगाड़ा खेल?
बाजार के जानकारों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवर हैं. उन्होंने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने अमेरिका के ग्रीनलैंड को लेकर बनाए गए प्लान का विरोध किया, तो उन पर भारी टैक्स (Tariff) लगा दिया जाएगा. ट्रंप ने कहा है कि 1 फरवरी से 10% और जून से इसे बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा. जब दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच इस तरह की खींचतान होती है, तो शेयर बाजार सहम जाता है. लोग अपना पैसा स्टॉक्स से निकालकर सोने जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं, जिससे मार्केट नीचे गिर जाता है.
विदेशी निवेशक और चीन का क्या रोल है?
भारतीय बाजार सिर्फ ग्लोबल टेंशन से ही नहीं, बल्कि कुछ और वजहों से भी सुस्त पड़ा है. पहली बात तो ये कि विदेशी निवेशक (FPIs) लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जो 2026 की शुरुआत में भी जारी है. ऊपर से चीन की अर्थव्यवस्था की हालत भी कुछ खास अच्छी नहीं दिख रही है. वहां के कमजोर विकास दर के आंकड़ों ने पूरे एशिया के बाजारों को सुस्त कर दिया है. जब पड़ोसी और बड़े ग्लोबल मार्केट्स में हलचल होती है, तो उसका सीधा असर हमारे यहां भी पड़ता है.
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आखिर मार्केट ऊपर क्यों नहीं जा रहा?
फिलहाल भारत के अंदर भी कोई ऐसा कोई पॉजिटिव साइन नहीं दिख रहा है जो बाजार को ऊपर खींच सके. कंपनियों के जो तिमाही नतीजे आ रहे हैं, वो भी मिले-जुले हैं. जो कि न बहुत अच्छे है, न बहुत खराब है. एक्सपर्ट अजय बग्गा का मानना है कि जब तक कोई ठोस पॉजिटिव खबर नहीं आती, तब तक बाजार इसी तरह बिना किसी दिशा के डगमगाता रह सकता है. कुल मिलाकर कहें तो ग्लोबल टेंशन और भारत में भी कोई पॉजिटिव साइन नहीं दिखने की वजह से आज छोटे और बड़े दोनों इन्वेस्टर्स को सोच में डाल दिया है.
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