Indian Stock Market 12 March 2026: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत हुई है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और क्रूड ऑइल की कीमतों में लगी आग ने निवेशकों के पसीने छुड़ा दिए हैं. बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में डूब गए है.
बाजार क्यों गिरा और कितना हुआ नुकसान?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, निवेशकों में घबराहट साफ दिखी है. निफ्टी 50 करीब 192 अंकों की गिरावट के साथ 23,674 पर खुला. वहीं, BSE सेंसेक्स में भी 494 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 76,369 के स्तर पर आ गया. बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और वैश्विक स्तर पर खराब संकेतों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है.
क्या तेल की सप्लाई रुकने वाली है?
बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह ईरान की चेतावनी है. ईरान ने कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोक सकता है या उन पर हमला कर सकता है. चूंकि दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होता है, इसलिए इसके बंद होने के डर से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं.
किन सेक्टरों पर पड़ी सबसे ज्यादा मार?
बाजार में हर तरफ बिकवाली का माहौल रहा है. सबसे बुरा हाल ऑटो, सरकारी बैंक (PSU Banks) और रियल्टी सेक्टर का रहा, जहां 2% से ज्यादा की गिरावट आई है. इसके अलावा FMCG और फार्मा सेक्टर भी नीचे रहे है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.
क्या सोने और चांदी के दाम भी बढ़ गए?
जब भी दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते हैं, निवेशक अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए सोने की तरफ भागते हैं. इसी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है. फिलहाल 24 कैरेट सोना 1,61,629 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,67,121 रुपये प्रति किलो के ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रही है.
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