8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों और 8वें वेतन आयोग के बीच बैठकों का दौर जारी है. कर्मचारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि बेसिक सैलरी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘फिटमेंट फैक्टर’ को 3.5 से बढ़ाकर 3.83 तक किया जाए.
क्या है फिटमेंट फैक्टर?
यह एक ऐसा गुणांक (Multiplier) है जिसका उपयोग पुराने वेतन ढांचे से नए वेतन ढांचे में जाने के लिए किया जाता है. 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था. अब इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग हो रही है.
संभावित सैलरी स्ट्रक्चर (3.83 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर)
अगर आयोग 3.83 के फिटमेंट फैक्टर पर मुहर लगाता है, तो लेवल 1 से लेवल 18 तक के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिलेगी:
| पे-लेवल | वर्तमान बेसिक पे (₹) | नया बेसिक पे (3.88) | कुल वृद्धि (₹) |
| लेवल 1 (न्यूनतम) | 18,000 | 69,840 | 51,840 |
| लेवल 5 | 29,200 | 1,13,296 | 84,096 |
| लेवल 10 | 56,100 | 2,17,668 | 1,61,568 |
| लेवल 14 | 1,44,200 | 5,59,496 | 4,15,296 |
| लेवल 18 (अधिकतम) | 2,50,000 | 9,70,000 | 7,20,000 |
आगे क्या होगा? बैठकों का शेड्यूल
वेतन आयोग अभी फीडबैक लेने के चरण में है. अगली महत्वपूर्ण बैठकें इन तारीखों पर होने वाली हैं:
- हैदराबाद: 18-19 मई, 2026
- श्रीनगर: 1 जून से 4 जून, 2026
- लद्दाख: 8 जून, 2026
इन बैठकों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगें और डेटा आयोग के सामने पेश करेंगे.
कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
- बड़ी आर्थिक राहत: बढ़ती महंगाई के बीच बेसिक सैलरी में ऐसा उछाल कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बढ़ाएगा.
- भत्तों में वृद्धि: चूंकि DA (महंगाई भत्ता), HRA और अन्य भत्ते बेसिक सैलरी के प्रतिशत पर आधारित होते हैं, इसलिए बेसिक बढ़ने से कुल सैलरी (In-hand Salary) में भारी बढ़ोतरी होगी.
- पेंशन पर असर: रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन भी नए पे-मैट्रिक्स के आधार पर बढ़ जाएगी.
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