शेयर बाजार में आज फिर हाहाकार! सेंसेक्स 443 अंक टूटा, निफ्टी भी हुआ पस्त

Indian Stock Market 4 June 2026: क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और FII की बिकवाली से गिरा शेयर बाजार. सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के बीच अब छोटे निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

Indian Stock Market 4 June 2026: भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार गिरावट देखने को मिली. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, महंगे क्रूड ऑयल और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया है. आज के कारोबार में BSE Sensex 443.15 अंक (0.60%) गिरकर 73,903.02 पर बंद हुआ. वहीं, NSE Nifty 50 भी 121 अंक (0.52%) टूटकर 23,284.60 के स्तर पर आ गया.

बाजार में गिरावट की असली वजह क्या है?

मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) की लगातार बिकवाली से बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है. इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट से भी अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं.

  • अमेरिकी बाजार का असर: अमेरिका में प्राइवेट पेरोल के मजबूत आंकड़े आने और एआई (AI) शेयरों में मुनाफावसूली (profit booking) के कारण वहां के बाजारों में गिरावट आई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा.
  • एशियाई बाजारों का हाल: भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में मंदी का माहौल रहा. जापान का निकेई (Nikkei 225) 1.66% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग (Hang Seng) 1.58% तक टूट गए. सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स भी 1.36% नीचे बंद हुआ.

कच्चे तेल की कीमतें भारत के लिए क्यों टेंशन हैं?

कच्चा तेल (Brent Crude) इस समय 97.15 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है. हालांकि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर से थोड़ी उम्मीद जगी है, लेकिन कीमतें अब भी भारत के लिए बहुत ऊंची हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है. जब क्रूड महंगा होता है, तो देश का इम्पोर्ट बिल बढ़ जाता है. इससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, देश का राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) बढ़ता है और भारतीय रुपये पर भी दबाव आता है. यही वजह है कि निवेशक इस समय फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं.

क्या टैक्स नियमों में बदलाव की कोई अफवाह है?

बाजार में एक नई चर्चा भी गरम है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी अफवाहें हैं कि सरकार अध्यादेश (Ordinance) के जरिए बॉन्ड और स्टॉक मार्केट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए टैक्स नियमों को आसान या फायदेमंद बना सकती है. बीते सत्र में इस अफवाह की वजह से बाजार में अच्छी रिकवरी देखी गई थी, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से इस पर कोई ऑफिशियल बयान या पुष्टि नहीं आई है.

अब छोटे निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया के अनुसार, जब तक निफ्टी 23,500 से 23,600 के रेजिस्टेंस (ऊपरी स्तर) को पार नहीं करता, तब तक बाजार में सावधानी बरतनी होगी.

  • सपोर्ट लेवल: नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,200 से 23,150 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है. अगर यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी 23,000 तक भी जा सकता है.

क्या है एक्स्पर्ट्स की राय?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक बाजार में कोई बड़ा पॉजिटिव बदलाव नहीं आता, तब तक पूरे मार्केट पर दांव लगाने के बजाय सिर्फ चुनिंदा और मजबूत शेयरों (Stock-specific approach) पर ही ध्यान देना समझदारी होगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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