Indian Stock Market 15 May 2026: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई, जिसका मुख्य कारण देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी और ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल के दामों में उछाल रहा. हालांकि, शुरुआती झटके के बाद बाजार ने रिकवरी की कोशिश की है.
क्या पेट्रोल के बढ़ते दामों ने बाजार को डराया?
जैसे ही केंद्र सरकार ने फ्यूल की कीमतों में 3 रुपये का इजाफा किया, इन्वेस्टर्स के बीच महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई. दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और मुंबई में 106.68 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. इसका सीधा असर बाजार की शुरुआत पर पड़ा, जहां सेंसेक्स करीब 64 अंक गिरकर खुला. कच्चे तेल की कीमतें भी 106 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से बाजार पर दबाव बना रहा.
विदेशी इन्वेस्टर्स ने कैसे पलटी बाजी?
बाजार के लिए अच्छी खबर यह रही कि विदेशी संस्थागत इन्वेस्टर्स (FIIs) ने लंबे समय के बाद 187.46 करोड़ रुपये की खरीदारी की. इस इनवेस्टमेंट ने बाजार को सहारा दिया और निफ्टी को 23,794 के स्तर तक पहुंचाने में मदद की. विदेशी पैसों की वापसी और अमेरिकी बाजार (Dow Jones का 50,000 पार करना) की मजबूती ने भारतीय इन्वेस्टर्स का मनोबल बढ़ाया.
किन सेक्टरों में रही तेजी और कहां दिखी गिरावट?
आज के कारोबार में IT सेक्टर का जलवा रहा, जहां निफ्टी IT इंडेक्स 2% से ज्यादा चढ़ा. टाटा मोटर्स के शानदार नतीजों (5,783 करोड़ रुपये का मुनाफा) की वजह से ऑटो सेक्टर में भी रौनक रही. वहीं दूसरी ओर, मेटल, पीएसयू बैंक और रियलटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया. रिलायंस और टाटा स्टील जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई.
आगे के लिए क्या है खास संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार अभी ‘सावधानी के साथ तेजी’ (Cautiously Bullish) की ओर है. निफ्टी के लिए 23,790 एक बड़ी बाधा है, जबकि 23,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम कर रहा है. इन्वेस्टर्स की नजर अब अमेरिका और चीन के बीच चल रहे शिखर सम्मेलन पर टिकी है, जो वैश्विक बाजारों की अगली दिशा तय करेगा.
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