Rupee vs Dollar : सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त जारी रखी है. सोमवार, 20 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 92.78 के स्तर पर पहुंच गया. पिछले शुक्रवार को भी रुपया 28 पैसे की मजबूती के साथ 91.91 पर बंद हुआ था.
रुपये की मजबूती के 3 मुख्य कारण
- कच्चे तेल में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 5.34% गिरकर 95.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. तेल सस्ता होने से भारत का आयात बिल कम होता है, जिसका सीधा फायदा रुपये को मिलता है.
- तनाव कम होने की उम्मीद: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष में कमी आने की संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
- RBI का दखल: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रुपये की गिरावट थामने के लिए उठाए गए उपायों का असर अब बाजार में दिखाई दे रहा है.
बाजार के अन्य अहम आंकड़े
रुपये की मजबूती के बावजूद, वैश्विक बाजार में कुछ चुनौतियां अब भी बरकरार हैं.
- डॉलर सूचकांक (Dollar Index): छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला इंडेक्स 0.22% बढ़कर 98.11 पर पहुंच गया है.
- शेयर बाजार का हाल: सुबह के कारोबार में घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव दिखा. सेंसेक्स 63.11 अंक बढ़कर 78,556.65 पर था, जबकि निफ्टी 3.10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,367.55 पर ट्रेड कर रहा था.
चुनौतियां अभी बाकी हैं: होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपये की यह बढ़त एक सीमित दायरे में रह सकती है. इसके पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव एक बड़ी वजह है. ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद किए जाने की धमकियों और जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है, जो रुपये के लिए दोबारा दबाव पैदा करेगा.
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