डॉलर शतक के करीब! अगर रुपया ₹100 के पार गया, तो शेयर बाजार के इन सेक्टर्स में आएगा ‘भूकंप’

Rupee vs Dollar : क्या होगा अगर रुपया ₹100 के पार निकल जाए? जानें कौन से सेक्टरों की चमकेगी किस्मत और किन पर टूटेगा दुखों का पहाड़. शेयर बाजार के निवेशकों के लिए जरूरी गाइड.

Rupee vs Dollar : भारतीय रुपया शुक्रवार को 95.87 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला. हफ्ते भर में करीब 1.36% की गिरावट और कच्चे तेल की $107 प्रति बैरल वाली ‘आग’ ने इस डर को सच साबित करना शुरू कर दिया है कि रुपया जल्द ही ₹100 के स्तर को देख सकता है.

लेकिन शेयर बाजार में हर गिरावट किसी के लिए आपदा होती है तो किसी के लिए अवसर. आइए जानते हैं ₹100 के रेट का गणित.

इन सेक्टर्स की बढ़ेगी ‘टेंशन’ (Negative Impact)

वे कंपनियां जो विदेशों से कच्चा माल मंगाती हैं या जिनका खर्च डॉलर में है, उन्हें भारी नुकसान हो सकता है.

  • ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: गाड़ियों के कलपुर्जे और मोबाइल-लैपटॉप के चिप्स महंगे हो जाएंगे, जिससे कंपनियों का मुनाफा (Margins) घटेगा.
  • एविएशन (हवाई सेवा): विमानों का ईंधन (ATF) अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़ा है. डॉलर महंगा होने से हवाई टिकट महंगे होंगे और एयरलाइंस पर दबाव बढ़ेगा.
  • FMCG: साबुन, तेल और अन्य सामान बनाने वाली कंपनियों के लिए कच्चे माल (जैसे केमिकल) का आयात महंगा हो जाएगा.
  • पेंट और टायर: इन उद्योगों में कच्चे तेल के बाय-प्रोडक्ट्स का खूब इस्तेमाल होता है, जो अब जेब खाली करेंगे.

इन सेक्टर्स की होगी ‘चांदी’ (Positive Impact)

निर्यात (Export) करने वाली कंपनियों के लिए कमजोर रुपया किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि वे डॉलर में कमाती हैं और उसे रुपये में बदलने पर उन्हें ज्यादा मुनाफा मिलता है.

  • IT सर्विसेज (TCS, Infosys): इनका अधिकांश रेवेन्यू डॉलर में आता है. रुपया गिरने का मतलब है इनके मुनाफे में सीधा उछाल.
  • फार्मा (Pharma): दवाइयां निर्यात करने वाली कंपनियों की कमाई बढ़ेगी.
  • टेक्सटाइल और स्पेशलिटी केमिकल्स: वैश्विक बाजार में भारतीय कपड़े और केमिकल ज्यादा प्रतिस्पर्धी (सस्ते और आकर्षक) हो जाएंगे.

सोना बनेगा ‘सुरक्षा कवच’

मार्केट एक्सपर्ट प्रणय अग्रवाल (CEO, Stoxkart) के मुताबिक, जब रुपया गिरता है तो भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं क्योंकि हम सोना आयात करते हैं. ऐसे में पोर्टफोलियो में गोल्ड रखना मुद्रा की कमजोरी और महंगाई के खिलाफ एक बेहतरीन हेज (बचाव) साबित हो सकता है.

क्यों गिर रहा है रुपया? 3 बड़े कारण

  • कच्चा तेल (Crude Oil): भारत अपनी जरूरत का 90% तेल आयात करता है. तेल महंगा मतलब डॉलर की ज्यादा मांग.
  • अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड: अमेरिका में ब्याज दरें (Yield) 4.50% के पार हैं, जिससे विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकालकर अमेरिका ले जा रहे हैं.
  • जियोपॉलिटिकल तनाव: ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बढ़ती तनातनी ने ग्लोबल मार्केट का मूड बिगाड़ दिया है.

Also Read : महंगाई का ‘चौतरफा हमला’: 48 घंटे में पेट्रोल-डीजल, दूध और सोना सब महंगा, आम आदमी की जेब हुई ढीली!

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >