Rupee vs Dollar : भारतीय रुपये में सोमवार के बाद आज भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 93.32 के स्तर पर आ गया. कल (सोमवार) भी रुपया 25 पैसे की गिरावट के साथ 93.16 पर बंद हुआ था.
रुपये के गिरने की 3 मुख्य वजहें
- RBI के नियमों में बदलाव: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये में सट्टेबाजी (Speculation) को रोकने के लिए 1 अप्रैल को लगाए गए कड़े प्रतिबंधों में आंशिक ढील दे दी है. बैंकों के लिए ‘शुद्ध खुली स्थिति’ (Net Open Position) की सीमा 10 करोड़ डॉलर तय करने के पुराने निर्देशों को वापस लेने से बाजार में हलचल बढ़ी है.
- मजबूत डॉलर सूचकांक: वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है. छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.4% बढ़कर 97.94 पर पहुंच गया है.
- बाजार में अस्थिरता: हालांकि पिछले दो सत्रों में रुपया 47 पैसे मजबूत हुआ था, लेकिन वैश्विक और नीतिगत कारणों से यह बढ़त टिक नहीं पाई.
बाजार के अन्य महत्वपूर्ण संकेत
जहां एक ओर रुपया कमजोर हुआ, वहीं अन्य आर्थिक मोर्चों पर स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
- शेयर बाजार में तेजी: रुपये की गिरावट के उलट घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले. सेंसेक्स 379.33 अंक (0.48%) चढ़कर 78,899.63 पर और निफ्टी 103.70 अंक (0.43%) बढ़कर 24,468.55 पर रहा.
- कच्चा तेल (Crude Oil): अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दामों में 0.51% की गिरावट देखी गई और यह 94.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. तेल की यह नरमी रुपये के लिए राहत की बात हो सकती है.
- विदेशी निवेश (FII): विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में खरीदार बने हुए हैं. सोमवार को उन्होंने 2,066 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनके भरोसे को दर्शाता है.
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का मानना है कि आरबीआई द्वारा ‘फॉरवर्ड’ बाजारों के नियमों में ढील देने से बाजार में नकदी और ट्रेडिंग बढ़ेगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में यह रुपये पर दबाव बना सकता है. निवेशकों की नजर अब अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता के नतीजों पर रहेगी, क्योंकि वहां से आने वाली कोई भी सकारात्मक खबर डॉलर को शांत और रुपये को मजबूत कर सकती है.
Also Read: पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें: कच्चे तेल में हलचल के बावजूद भारत में राहत, जानें अपने शहर के रेट
