वेस्ट एशिया में हालात सुधरते ही इंटरनेशनल उड़ानों ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई-अगस्त में बढ़ेंगी फ्लाइट्स

Indian Airlines: वेस्ट एशिया में हालात सामान्य होने के बाद भारतीय एयरलाइंस अपनी इंटरनेशनल सेवाएं बहाल कर रही हैं. जानिए पूरी अपडेट.

Indian Airlines: वेस्ट एशिया में तनाव कम होने के बाद भारतीय एयरलाइंस एक बार फिर अपने इंटरनेशनल नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने में जुट गई हैं. जून में सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस से जुड़ी दिक्कतों की वजह से कई उड़ानों में कटौती की गई थी. अब हालात सामान्य होने के साथ एयरलाइंस धीरे-धीरे अपनी सेवाएं बहाल कर रही हैं. एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के अनुसार, जुलाई और अगस्त में भारतीय एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.

कितनी बढ़ेंगी इंटरनेशनल उड़ानें?

OAG के आंकड़ों के मुताबिक, जून में भारतीय एयरलाइंस की 14,473 वीकली इंटरनेशनल फ्लाइट्स  निर्धारित थीं. यह संख्या जुलाई में बढ़कर 15,633 और अगस्त में 17,048 वीकली फ्लाइट्स तक पहुंचने का अनुमान है. इस बढ़ोतरी का मकसद यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करना और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को पहले की तरह मजबूत बनाना है.

कौन-सी एयरलाइन सबसे तेज बढ़ा रही है उड़ानें?

अंतरराष्ट्रीय विस्तार (इंटरनेशनल एक्सपेंशन) के मामले में एयर इंडिया एक्सप्रेस सबसे आगे रहने वाली है.

  • जुलाई में इसकी इंटरनेशनल फ्लाइट्स में 34.5% की बढ़ोतरी का अनुमान है.
  • अगस्त में इसमें 16.5% की और बढ़त हो सकती है.

वहीं स्पाइसजेट भी अपने विदेशी नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने की तैयारी में है. 

  • जुलाई में 48.1% की बढ़ोतरी का अनुमान. 
  • अगस्त में यह बढ़ोतरी 63.7% तक पहुंच सकती है. 

दूसरी ओर, देश की दो बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया फिलहाल संतुलित रणनीति अपनाते हुए जुलाई और अगस्त में अपनी उड़ानों में करीब 1% से 2% की मासिक बढ़ोतरी करने की योजना बना रही हैं. 

जून में उड़ानें क्यों घटानी पड़ी थीं?

जून के दौरान वेस्ट एशिया में बढ़े जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से कई देशों के एयरस्पेस पर असर पड़ा था.  इसके चलते कई एयरलाइंस को उड़ानों का रूट बदलना पड़ा, जबकि कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से रोकनी भी पड़ीं. अब क्षेत्र में हालात पहले की तुलना में बेहतर होने लगे हैं. इसी वजह से एयरलाइंस अपनी पुरानी उड़ानें फिर से शुरू कर रही हैं और गर्मियों के व्यस्त यात्रा सीजन को देखते हुए अतिरिक्त क्षमता भी जोड़ रही हैं. 

क्या आगे और बेहतर होगी स्थिति?

एक्स्पर्ट्स का मानना है कि यदि वेस्ट एशिया में स्थिति सामान्य बनी रहती है तो आने वाले महीनों में भारतीय एयरलाइंस इंटरनेशनल सेवाओं का और विस्तार कर सकती हैं. इससे यात्रियों को अधिक ऑप्शन मिलेंगे और कई प्रमुख विदेशी रूटों पर यात्रा करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है. 

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने बातचीत का अनुरोध किया है और मंगलवार को दोहा में बैठक प्रस्तावित है. हालांकि उन्होंने बैठक के एजेंडा, प्रतिभागियों या उद्देश्य से जुड़ी कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की. यदि क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ते हैं, तो इसका पाजिटिव असर इंटरनेशनल हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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