India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया कि भारत-अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय ट्रेड समझौते (BTA) का पहला हिस्सा लगभग तैयार है. अगले 4–5 दिनों में दोनों देशों का जॉइंट स्टेटमेंट जारी हो सकता है और मार्च के मध्य तक इस समझौते पर आधिकारिक साइन होने की उम्मीद है.
टैरिफ और समझौते पर क्या बोले मंत्री?
पीयूष गोयल के मुताबिक, जॉइंट स्टेटमेंट के बाद अमेरिका अपनी तरफ से एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर सकता है, जिससे टैरिफ करीब 18% तक कम किए जा सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और भारत के टैरिफ सिस्टम अलग हैं, इसलिए भारत में टैरिफ में बदलाव केवल कानूनी समझौता साइन होने के बाद ही संभव होगा.
भारत-अमेरिका की अर्थव्यवस्था क्यों है ‘कम्प्लीमेंट्री’?
मंत्री ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था एक-दूसरे को सपोर्ट करती है, इसलिए यह डील दोनों के लिए फायदेमंद रहेगी. पीएम नरेंद्र मोदी की फरवरी 2025 में अमेरिका यात्रा के बाद से ही इस समझौते पर बातचीत तेज हुई थी. सरकार ने साफ किया कि बातचीत के दौरान भारत ने अपने जरूरी सेक्टर खासतौर पर कृषि और डेयरी को सुरक्षित रखा है. करीब एक साल चली बातचीत में दोनों देशों ने अपने-अपने अहम क्षेत्रों की सुरक्षा के साथ डील को अंतिम रूप दिया. इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है.
किन सेक्टरों को होगा सबसे ज्यादा फायदा ?
पीयूष गोयल के अनुसार यह समझौता MSME, किसानों, युवाओं और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़े मौके लेकर आएगा. खास तौर पर फूड प्रोसेसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.
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