आटा-चावल और तेल-साबुन की जमाखोरी की तो दर्ज होगा मुकदमा, सोशल मीडिया पर न फैलाएं अफवाह

India-Pak War: भारत-पाक संघर्ष के बीच देश में आटा, चावल, तेल जैसी जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. अफवाह फैलाने पर चेतावनी और मुकदमे की बात कही गई है. सरकार ने बताया कि देश में चावल, गेहूं और तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए लोग सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें.

India-Pak War: भारत-पाकिस्तान में तनाव जारी है. पाकिस्तान भारत पर बम और मिसाइल बरसाने की नाकाम कोशिश कर रहा है. दोनों देशों के बीच अघोषित जंग के बीच देश में घबराहट और दहशत का माहौल बना हुआ है. इस बीच, खबर यह भी है कि संकट की इस घड़ी में आटा-चावल समेत जरूरी सामानों की जमाखोरी का भी प्रयास किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर अफवाह तेजी से फैल रही है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे अफवाहों पर गौर न करें. इसके साथ ही, उसने यह भी कहा है कि व्यापारियों और थोक विक्रेताओं ने आवश्यक खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी की, तो उन पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा.

सरकार की जमाखोरी न करने की चेतावनी

इसके साथ ही, सरकार ने व्यापारियों और थोक विक्रेताओं को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी न करने की चेतावनी भी दी है. उसने कहा है देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाद्य भंडार मौजूद है. सरकारी की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष बढ़ गया है और पाकिस्तान सीमावर्ती शहरों में बिना उकसावे के गोलाबारी और ड्रोन हमले कर रहा है.

जमाखोरी करने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा

केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘देश में खाद्य भंडार के बारे में दुष्प्रचार फैलाने वाले मैसेजों पर विश्वास न करें. हमारे पास पर्याप्त खाद्य भंडार है, जो लोगों की जरूरतों से कहीं अधिक है. ऐसे मैसेजेज पर ध्यान न दें.’’ जोशी ने कहा, ‘‘आवश्यक वस्तुओं के व्यापार से जुड़े व्यापारी, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता या व्यावसायिक संस्थाओं को कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया जाता है. जमाखोरी या भंडारण में लिप्त किसी भी व्यक्ति पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.’’

सोशल मीडिया पर फैला रहे अफवाह पर न दें ध्यान

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को भी लोगों से आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह करते हुए कहा था कि देश में सभी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त से अधिक स्टॉक है. उन्होंने कहा था कि किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है और किसी को भी ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए.

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भारत के पास कितना है भंडार

खाद्य आपूर्ति की स्थिति के बारे में विस्तार से बताते हुए खाद्य मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान चावल का स्टॉक 356.42 लाख टन है, जबकि बफर मानक 135 लाख टन है. इसी तरह, गेहूं का स्टॉक 383.32 लाख टन है, जबकि बफर मानक 276 लाख टन है. इसके अलावा, भारत में वर्तमान में लगभग 17 लाख टन खाद्य तेल का स्टॉक है. मौजूदा फसल सत्र 2024-25 (जुलाई-जून) में सरकार ने 34 करोड़ 15.5 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है. खाद्यान्नों में धान, गेहूं, मोटे अनाज और दालें शामिल हैं. खाद्यान्न खरीद और वितरण की नोडल एजेंसी भारतीय खाद्य निगम के पास इस साल एक अप्रैल तक एक करोड़ 35.5 लाख टन गेहूं का भंडार था, जबकि बफर स्टॉक के लिए जरूरत 74.6 लाख टन की थी.

रिपोर्ट: साक्षी सिन्हा

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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