Income Tax Rules 2026: अब वो दिन गए जब क्रेडिट कार्ड सिर्फ शॉपिंग का जरिया हुआ करते थे. 1 अप्रैल, 2026 से इनकम टैक्स के नए नियम (Income Tax Act, 2025) लागू हो रहे हैं, जो आपके खर्च करने के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे. सरकार ने 1961 के पुराने कानून को विदा कर दिया है और अब हर खर्च पर पैनी नजर रखी जाएगी.
PAN कार्ड के बिना ‘नो एंट्री’
अब आपका क्रेडिट कार्ड सीधे आपके PAN से जुड़ा होगा. इसका मतलब है कि आप जहां भी कार्ड स्वाइप करेंगे, उसकी जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग के पास पहुंच जाएगी. अब बिना PAN के क्रेडिट कार्ड बनवाना मुमकिन नहीं होगा. यह आपकी पहचान का एक डिजिटल हिस्सा बन चुका है.
ऑफिस के कार्ड से अपनी शॉपिंग ? अब पड़ेगा भारी
अगर आप अपनी कंपनी का क्रेडिट कार्ड अपने निजी खर्चों (जैसे पर्सनल शॉपिंग या डिनर) के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाएं. अब इसे आपकी ‘कमाई’ (Taxable Perk) माना जाएगा और इस पर आपको टैक्स देना होगा. ऑफिस के काम से यात्रा या मीटिंग का खर्च अभी भी टैक्स-फ्री है. अब आपको हर बिजनेस खर्च का बिल और रिकॉर्ड संभाल कर रखना होगा, ताकि आप साबित कर सकें कि वह खर्च निजी नहीं था.
कार्ड से भरें टैक्स, पर जरा संभलकर
अच्छी खबर यह है कि अब आप अपना इनकम टैक्स भी क्रेडिट कार्ड से भर पाएंगे. यह उन लोगों के लिए सहूलियत है जिनके पास उस वक्त कैश न हो. लेकिन ध्यान रहे, अगर आपने क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं भरा, तो भारी ब्याज और पेनल्टी लग सकती है.
आपको अब क्या करना चाहिए ?
- PAN लिंक करें: सुनिश्चित करें कि आपके सभी क्रेडिट कार्ड्स आपके PAN कार्ड से जुड़े हैं.
- खर्चों पर नजर: साल भर में होने वाले बड़े ट्रांजेक्शन पर ध्यान दें. बहुत ज्यादा खर्च आपकी इनकम और रिटर्न के मेल न खाने पर सवाल खड़े कर सकता है.
- पर्सनल और प्रोफेशनल अलग रखें: कंपनी का कार्ड सिर्फ ऑफिस के काम के लिए इस्तेमाल करें. भूलकर भी इससे घर का राशन या पर्सनल गैजेट्स न खरीदें.
- बिल संभालें: हर बिजनेस मीटिंग या ट्रैवल के बिल का रिकॉर्ड रखें.
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