Income Tax Return Filing: शुक्रवार, 15 मई को आयकर विभाग ने जानकारी दी कि अब टैक्सपेयर्स ITR-1 (Sahaj) और ITR-4 (Sugam) फॉर्म के जरिए अपना रिटर्न ऑनलाइन फाइल कर सकते हैं. इसके लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक्सेल यूटिलिटी (Excel utilities) और ऑनलाइन फॉर्म की सुविधा शुरू कर दी गई है.
ITR-1 फॉर्म किसके लिए है?
अगर आप एक रेजिडेंट भारतीय नागरिक हैं और आपकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है, तो आपको ITR-1 यानी ‘सहज’ फॉर्म भरना होगा. यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जिनकी आय का जरिया सैलरी, घर (House Property) और अन्य स्रोत जैसे बैंक ब्याज या फैमिली पेंशन है. ध्यान रहे, यह फॉर्म एनआरआई (NRI) या उन लोगों के लिए नहीं है जिनकी कमाई का जरिया एक से ज्यादा घर या लॉटरी जैसे बड़े इनाम हैं.
ITR-4 किन लोगों को भरना होगा?
ITR-4 यानी ‘सुगम’ फॉर्म उन व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है. यह खास तौर पर उनके लिए बना है जिन्होंने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44AD, 44ADA या 44AE के तहत ‘प्रिजम्टिव टैक्सेशन’ (Presumptive Taxation) का ऑप्शन चुना है. छोटे कारोबारी और फ्रीलांसर अक्सर इसी फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं.
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डेडलाइन क्या है और क्यों जरूरी है?
बिना किसी ऑडिट वाले व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) असल में वह सरकारी डॉक्युमेंट्स है जिसमें आप अपनी पूरी कमाई, इनवेस्टमेंट पर मिलने वाली छूट और चुकाए गए टैक्स का ब्योरा देते हैं. सही समय पर फॉर्म भरने से आप न केवल जुर्माने से बचते हैं, बल्कि लोन लेने या वीजा अप्लाई करने जैसे कामों में भी यह पेपर आपकी काफी मदद करता है.
बाकी फॉर्म्स कब तक आएंगे?
फिलहाल विभाग ने सिर्फ सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले दो फॉर्म ही लाइव किए हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हर साल चरणों में यूटिलिटी जारी करता है. सैलरी पाने वाले और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए सुविधाएं पहले शुरू की जाती हैं. बाकी बचे हुए ITR फॉर्म्स भी आने वाले कुछ हफ्तों में धीरे-धीरे पोर्टल पर एक्टिव कर दिए जाएंगे.
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