PF निकालना होगा अब आसान, EPFO ला रहा बड़ा बदलाव

EPFO PF Withdrawal: EPFO जल्द PF निकासी को आसान बनाने जा रहा है. ऑटो-सेटलमेंट से फाइनल विड्रॉल तेज होगा और नौकरी बदलने पर अकाउंट ट्रांसफर भी आसान बनेगा.

EPFO PF Withdrawal: देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर है. Employees’ Provident Fund Organisation यानी EPFO अब पीएफ निकालने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की तैयारी में है. अगर सब योजना के मुताबिक हुआ, तो फाइनल पीएफ निकालने के लिए लंबा इंतजार और ज्यादा कागजी काम जल्द खत्म हो सकता है.

अभी तक EPFO सिर्फ 5 लाख रुपये तक के एडवांस पीएफ क्लेम को ऑटो-सेटलमेंट मोड में प्रोसेस करता है. इसमें आमतौर पर तीन दिन के भीतर पैसा खाते में आ जाता है. लेकिन अब यही सुविधा फाइनल पीएफ निकासी के लिए भी शुरू करने की तैयारी चल रही है.

क्या बदलेगा PF निकालने का तरीका?

फिलहाल नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद पीएफ निकालने की प्रक्रिया में कई बार दस्तावेजों की जांच और मंजूरी में समय लग जाता है. इसी वजह से कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है. EPFO के सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति ने बताया है कि अब फाइनल विदड्रॉल को भी ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम में लाने की कोशिश हो रही है. इसका सीधा मतलब है कि क्लेम तेजी से निपटेंगे और कर्मचारियों को पैसा जल्दी मिलेगा. यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए बड़ी राहत होगा जिन्हें नौकरी बदलने, रिटायरमेंट या किसी जरूरी जरूरत के समय तुरंत पैसों की जरूरत होती है. 

नौकरी बदलने पर क्या झंझट खत्म होगा?

EPFO एक और बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अभी नौकरी बदलने पर कई कर्मचारियों को पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराने के लिए फॉर्म भरने पड़ते हैं और कई बार कंपनी की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है. नई व्यवस्था में EPFO अकाउंट को खुद-ब-खुद नए मेंबर अकाउंट में शिफ्ट करने की दिशा में काम कर रहा है. यानी कर्मचारियों को अलग से फॉर्म भरने की जरूरत कम पड़ सकती है. इससे नौकरी बदलने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी और पीएफ रिकॉर्ड संभालना भी आसान रहेगा. 

नए नियम कब आएंगे?

EPFO ने साफ किया है कि नए लेबर कोड्स के तहत जल्द ही नई अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी. इसके तहत EPF Scheme 1952, Employees Deposit Linked Insurance Scheme 1976 और Employees Pension Scheme 1995 को फिर से नोटिफाई किया जाएगा. हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि बड़े बदलाव नहीं किए जा रहे हैं. फोकस सिर्फ प्रक्रिया को आसान, तेज और ज्यादा डिजिटल बनाने पर है. 

कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

इन बदलावों का सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि पीएफ से जुड़ा काम कम समय में और बिना ज्यादा भागदौड़ के हो सकेगा. तेज क्लेम सेटलमेंट, आसान अकाउंट ट्रांसफर और कम कागजी प्रक्रिया से करोड़ों कर्मचारियों का अनुभव बेहतर होगा. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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