विदेश यात्रा से पहले Form 156 भरना मस्ट, लेकिन पोर्टल पर लटका है ताला

Income Tax Form 156: इनकम टैक्स विभाग ने विदेश यात्रा के लिए Form 156 अनिवार्य किया है, लेकिन पोर्टल पर लिंक न होने से यात्री परेशान हैं. जानिए इस नए नियम की पूरी सच्चाई क्या है.

Income Tax Form 156: अगर आप इस गर्मी की छुट्टियों में विदेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आयकर विभाग (Income Tax Department) का एक नया नियम आपकी टेंशन बढ़ा सकता है. इनकम टैक्स रूल्स, 2026 में हुए ताजा बदलावों के मुताबिक, अब विदेश जाने से पहले हर PAN कार्ड होल्डर को ‘Form 156’ ऑनलाइन भरना अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन समस्या यह है कि नियम तो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, पर विभाग के पोर्टल पर इसे भरने के लिए कोई लिंक या यूटिलिटी उपलब्ध ही नहीं है. इस तकनीकी खामी की वजह से यात्री और टैक्स एक्सपर्ट्स काफी परेशान हैं.

क्या है यह नया नियम और Form 156?

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने नोटिफिकेशन (G.S.R. 198(E)) के जरिए इनकम टैक्स रूल्स के नियम 228-229 में संशोधन किया है. अब से किसी भी भारतीय नागरिक को विदेश यात्रा पर निकलने से पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर ‘Form 156’ जमा करना होगा. इस फॉर्म में आपको अपनी यात्रा का मकसद (Purpose of Travel) और आप कितने समय के लिए बाहर जा रहे हैं, इसकी जानकारी देनी होगी. सरकार का मकसद टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता लाना और बड़े खर्चों पर नजर रखना है. 

पोर्टल पर फॉर्म नहीं तो कैसे होगा पालन?

नियम लागू हुए हफ्तों बीत चुके हैं, लेकिन इनकम टैक्स की वेबसाइट पर इस फॉर्म का कहीं नामो-निशान नहीं है. CA अनुपम शर्मा ने इस गंभीर मुद्दे को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के सामने उठाया है. उन्होंने बताया कि नियम कागजों पर तो एक्टिव है, पर तकनीकी रूप से इसे भरने का कोई तरीका मौजूद नहीं है. ऐसे में लोग कानून का पालन करना चाह कर भी नहीं कर पा रहे हैं.

क्या एयरपोर्ट पर रुक सकती है आपकी यात्रा?

सबसे बड़ा डर उन छात्रों और बिजनेसमैन को सता रहा है जिनकी फ्लाइट्स आने वाले दिनों में हैं. डर यह है कि कहीं एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन या कस्टम अधिकारी इस फॉर्म की रसीद न मांग लें. अगर पोर्टल ही नहीं चल रहा, तो यात्री सबूत कहां से लाएंगे? जानकारों का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के यात्रियों को एयरपोर्ट पर पूछताछ या देरी का सामना करना पड़ सकता है, जो उनके सफर का मजा खराब कर देगा.

अब आगे क्या है समाधान?

टैक्स एक्सपर्ट्स ने मांग की है कि जब तक पोर्टल पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक इस नियम पर रोक लगाई जाए या ‘ग्रेस पीरियड’ (अतिरिक्त समय) दिया जाए. CBDT से यह भी गुजारिश की गई है कि वे गृह मंत्रालय और इमिग्रेशन विभाग से बात करें ताकि किसी भी यात्री को एयरपोर्ट पर परेशान न किया जाए. फिलहाल, सभी को विभाग के अगले कदम या किसी आधिकारिक सर्कुलर का इंतजार है ताकि इस असमंजस की स्थिति को खत्म किया जा सके.

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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