IMF Pakistan Loan : पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) एक बार फिर आगे आया है. इस नई किश्त के मिलने के बाद पाकिस्तान द्वारा अब तक लिए गए कुल कर्ज की राशि लगभग 4.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी.
कर्ज का पूरा गणित
मंजूर की गई 1.2 बिलियन डॉलर की राशि दो अलग-अलग प्रोग्राम के तहत दी गई है.
- EFF (एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी): इसके तहत करीब 1 बिलियन डॉलर दिए गए हैं. यह सितंबर 2024 में तय हुए 7 बिलियन डॉलर के बड़े पैकेज का हिस्सा है.
- RSF (रेजि Resilience एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी): इसके तहत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए करीब 210 मिलियन डॉलर मंजूर किए गए हैं.
इस पैसे के मिलने के बाद पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 17 बिलियन डॉलर के पार पहुँचने की उम्मीद है, जिससे देश को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए थोड़ा और समय मिल जाएगा.
कड़ी शर्तें और आम आदमी पर बोझ
IMF ने यह कर्ज देने के लिए पाकिस्तान के सामने बहुत कड़ी शर्तें रखी थीं. सरकार ने भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख बचाने के लिए इन लक्ष्यों को पूरा कर लिया हो, लेकिन इसकी कीमत वहां की जनता चुका रही है:
- महंगाई और बेरोजगारी: कड़े आर्थिक सुधारों की वजह से पाकिस्तान में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ रही है.
- टैक्स में विफलता: सरकारी विभाग (FBR) टैक्स वसूली के अपने लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाम रहा है.
- पेट्रोल के दाम: टैक्स के घाटे को पूरा करने के लिए सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर ड्यूटी बढ़ा दी है, जिसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है.
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