IDFC First Bank Share Price: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन किसी झटके से कम नहीं रहा है. हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की खबर सामने आने के बाद बैंक के शेयरों में 19% की भारी गिरावट दर्ज की गई है. शेयर की कीमत लुढ़क कर 68 रुपये पर आ गई और बाजार में खरीदारों का अकाल पड़ गया है.
IDFC First Bank: धोखाधड़ी कैसे हुई और किसने की?
बैंक के मुताबिक, यह धोखाधड़ी चंडीगढ़ की एक ब्रांच में हरियाणा सरकार के खातों के साथ हुई है. चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें बैंक के अपने ही कुछ कर्मचारी और बाहरी लोग शामिल थे. जब हरियाणा सरकार ने अपने खाते बंद कर पैसा दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट डाली, तब बैलेंस में गड़बड़ी पकड़ी गई. बैंक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
IDFC First Bank: बैंक और मुनाफे पर कितना असर पड़ेगा?
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स यूबीएस और मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि इस फ्रॉड का बैंक की नेटवर्थ पर तो सिर्फ 1% का असर पड़ेगा, लेकिन साल 2026 के मुनाफे (Profit) में 20% तक की कमी आ सकती है. हालांकि, बैंक ने साफ किया है कि यह मामला सिर्फ हरियाणा सरकार के कुछ खास खातों तक सीमित है और दूसरे ग्राहकों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
हरियाणा सरकार ने क्या कड़ा कदम उठाया?
इस घटना के बाद हरियाणा सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को ब्लैकलिस्ट (De-empanel) कर दिया है. अब सरकार इन बैंकों में न तो कोई नया पैसा जमा करेगी और न ही कोई ट्रांजैक्शन करेगी. बैंक अब रिकवरी के लिए संदिग्ध खातों को फ्रीज करवाने और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की तैयारी कर रहा है.
क्या आपको घबराने की जरूरत है?
बैंक ने भरोसा दिलाया है कि यह कोई सिस्टम की खराबी नहीं बल्कि एक ब्रांच में हुआ फ्रॉड है. बैंक की ऑडिट कमेटी और बोर्ड इस पर नजर बनाए हुए है. फिलहाल, निवेशकों की नजर बैंक की रिकवरी और पुलिस इन्वेस्टीगेशन पर टिकी है.
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