IDBI Bank Privatization: IDBI Bank की प्राइवेटाइजेशन को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है और अब इस खबर में फिर से हलचल तेज हो गई है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, Kotak Mahindra Bank भी अब IDBI Bank में हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में शामिल हो गया है. इससे पहले Oaktree Capital और Fairfax जैसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स की रुचि सामने आ चुकी है. हालांकि Kotak Mahindra Bank ने अभी तक इस दावे को न तो मंजूर किया है और न ही साफ इनकार किया है.
इतनी बड़ी डील में दिक्कत कहां है?
रिपोर्ट बताती है कि निवेशकों के सामने सबसे बड़ा चैलेंज IDBI Bank का भारी-भरकम मार्केट कैप है. बैंक की कीमत करीब 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास है. ऐसे में 60% हिस्सेदारी खरीदना किसी भी निवेशक के लिए आसान नहीं होगा. कहा जा रहा है कि Kotak Mahindra Bank कैश और शेयर को मिलाकर एक मर्जर डील की ओर बढ़ सकता है, ताकि बोझ कम पड़े.
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सरकार कब करेगी डील फाइनल?
सरकार ने पहले ही कहा है कि वह वित्त वर्ष 2026 के अंत तक IDBI Bank की प्राइवेटाइजेशन को पूरा करना चाहती है. मौजूदा समय में 45.48% हिस्सा सरकार के पास और 49.24% LIC के पास है. कुल मिलाकर 61% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया DIPAM देख रहा है. वहीं एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टेक सेल के लिए ड्यू डिलिजेंस पूरा हो चुका है और अक्टूबर-दिसंबर के बीच फाइनेंशियल बिड्स मंगाई जा सकती हैं.
LIC का रोल अब सिर्फ निवेशक वाला क्यों?
कुछ समय पहले LIC को IDBI Bank के प्रमोटर की जगह केवल एक फाइनेंशियल इन्वेस्टर के रूप में दर्ज किया गया है. इसका मतलब है कि अब LIC बैंक के मैनेजमेंट में दखल नहीं देगा, बल्कि सिर्फ निवेशक की तरह बना रहने वाला है.
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