How to claim tcs refund : जब लोग नई कार खरीदने शोरूम जाते हैं, तो उनका पूरा ध्यान गाड़ी की ऑन-रोड कीमत, इंश्योरेंस, आरटीओ (RTO) चार्ज और एक्सेसरीज पर होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपने ₹10 लाख से ज्यादा कीमत की कार खरीदी है, तो आपके बिल (Invoice) में एक ऐसा टैक्स जुड़ा होता है जिसे 90% लोग ‘अतिरिक्त खर्च’ मानकर भूल जाते हैं?
इस टैक्स का नाम है TCS (Tax Collected at Source). अच्छी बात यह है कि यह पैसा कोई डूबा हुआ धन नहीं है. अगर आप सही तरीके से क्लेम करें, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय यह पूरा पैसा आपको रिफंड के रूप में वापस मिल सकता है या आपके टैक्स में एडजस्ट हो सकता है.
कार खरीदी पर TCS का पूरा खेल: एक उदाहरण से समझें
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, जब भी कोई व्यक्ति ₹10 लाख से अधिक कीमत की कार खरीदता है, तो कार डीलर कुल कीमत पर 1% का TCS वसूलता है. डीलर इस रकम को आपके PAN कार्ड के जरिए सीधे सरकार के खाते में जमा कर देता है.
उदाहरण के लिए: मान लीजिए आपने ₹15 लाख की एक नई कार खरीदी. इस पर 1% की दर से ₹15,000 का TCS कटेगा. डीलर यह ₹15,000 आपसे अतिरिक्त लेकर सरकार के पास जमा करा देगा, जो आपके टैक्स रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है.
लोग अक्सर यह रिफंड लेना क्यों भूल जाते हैं?
हजारों रुपये का यह रिफंड सरकार के पास ही पड़ा रह जाता है, क्योंकि ज्यादातर खरीदारों को इस नियम (रिफंड रूल) की जानकारी ही नहीं होती. शोरूम वाले भी इस टैक्स के बारे में ग्राहकों को खुलकर नहीं बताते. लोग कार का इनवॉइस (बिल) देखने के बाद सीधे पेमेंट कर देते हैं और बाद में अपना Form 26AS चेक नहीं करते. कई लोग समय पर अपना ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) ही फाइल नहीं करते.
रिफंड पाने के लिए ‘Form 26AS’ क्यों है सबसे जरूरी?
अगर आपने कार खरीदी है, तो इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना Form 26AS जरूर चेक करें. यह फॉर्म इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि आपका टैक्स सरकार तक पहुंच चुका है. इसमें आपको निम्नलिखित जानकारियां मिलती हैं.
- आपका कितना TCS कटा और सरकार के पास जमा हुआ.
- यह किस डीलर ने और किस तारीख को जमा कराया.
TCS रिफंड पाने का स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step) तरीका
यह प्रक्रिया बेहद आसान है, बस आपको इन 4 स्टेप्स का पालन करना होगा.
- स्टेप 1 (Form 27D): कार खरीदने के बाद डीलर से Form 27D मांगें. यह आपके TCS जमा होने का ऑफिशियल सर्टिफिकेट होता है.
- स्टेप 2 (26AS चेक करें): इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर चेक करें कि यह TCS अमाउंट आपके Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) में दिख रहा है या नहीं.
- स्टेप 3 (ITR फाइलिंग): अपना ITR दाखिल करते समय “Taxes Paid / TCS” वाले कॉलम में इस रकम को दर्ज करें.
- स्टेप 4 (बैंक खाता): सुनिश्चित करें कि आपका बैंक अकाउंट आपके PAN कार्ड से लिंक और वैलिडेट हो. रिफंड की रकम सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
पूरा रिफंड मिलेगा या टैक्स में एडजस्ट होगा?
यह पूरी तरह से आपकी कुल सालाना टैक्स देनदारी (Tax Liability) पर निर्भर करता है.यदि आपका टैक्स कम बनता है तो सरकार आपके TCS का पूरा पैसा (जैसे ₹15,000) आपके बैंक खाते में रिफंड के तौर पर वापस भेज देगी. इसका सबसे ज्यादा फायदा नौकरीपेशा लोगों (Salaried Employees) और पहली बार कार खरीदने वालों को होता है. यदि आपका टैक्स ज्यादा बनता है: तो यह रकम आपकी कुल टैक्स देनदारी में से घटा (Adjust) दी जाएगी, यानी आपको उतना टैक्स कम देना पड़ेगा.
