Noida के होटल में जाने से पहले हो जाए सतर्क, ऐसे चेक करें शीशे या दरवाजे में कहीं कैमरा तो नहीं है छुपा

अगर आपको भी काम की वजह से बार-बार नोएडा में होटल लेकर रुकना पड़ रहा है, तो सावधान हो जाए, क्योंकि हो सकता है कि आपके कमरे में कैमरा लगाया गया हो और बाद में आपसे पैसे भी मांगे जा सकते है. आज हम आपको कुछ आसान तरीके बताएंगे, जिसकी मदद से आप आसानी से छुपा हुआ कैमरा खोज सकते है.

कहते हैं न आजकल की दुनिया में किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा नहीं कर सकते है. ऐसा ही हाल इन-दिनों होटल रूम का भी हो गया है. जहां आप जाते तो हो, दो वक्त सुकून से रहने, लेकिन फ्रॉड की वजह आपको जीवन भर का पछतावा हो जाता है. जीं हां हम बात कर रहे हैं आजकल होटल में लगे गुप्त कैमरों की…ये कैमरा हमे दिखाई तो नहीं देता है, लेकिन अंधेरा हो या फिर उजाला, ये हमारे प्राइवेट मोमेंट को कैप्चन कर लेता है. बाद में इसी का फायदा उठाकर होटल स्टाफ ब्लैकमेल करते है और वीडियो लीक की धमकी देते है.

होटल में गुप्त कैमरे का कैसे लगाएं पता

पुलिस ने हाल ही में नोएडा के एक होटल के कमरे में एक जोड़े के निजी पलों को कथित रूप से रिकॉर्ड करने और फुटेज जारी करने की धमकी देकर पैसे निकालने की कोशिश करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी का तरीका होटल में कमरे बुक करना और कपल्स को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरे लगाना था. सूत्रों ने कहा कि कैमरे इस तरह से लगाए गए थे कि सफाई कर्मचारी उन पर ध्यान न दें.

छिपे हुए कैमरा के लिए अलार्म घड़ी चेक करें

छिपे हुए कैमरों को अलार्म घड़ियों के स्पीकर के अंदर आसानी से रखा जा सकता है. इसके अलावा अगर आपको लो-हैंगिंग क्लॉक मिलती है, तो अपनी टॉर्च से उनका सावधानीपूर्वक जांच करें. सबसे आसान काम यह है कि उन्हें टिशू पेपर से ढक दिया जाए.

छिपे हुए कैमरे अक्सर पढ़ने या लैंप में छुपाये जाते है

हमेशा कमरे में मौजूद प्रत्येक वस्तु-फैंसी लाइट, रीडिंग लैंप, फोटो फ्रेम या कोई अन्य डेकोरेशन की चीजों को चेक करें. अगर आपको किसी भी चीज पर शक होता है, तो उसे स्टॉफ को बुलाकर चेक जरूर करें.

टीवी और सेट-टॉप-बॉक्स चेक करें

होटल के कमरे के अंदर टीवी और सेट-टॉप-बॉक्स की जांच करना कभी भी न भूले. किसी फ्लैशलाइट से चेक करना अच्छा है, जिससे आपको गुप्त कैमरे का लाइट दिख जाए. एक और जगह जहां कैमरे छिपे हो सकते हैं, वह है फूलदान, अच्छी तरह सभी फूल हटाकर उसे चेक करें. फिर भी समझ नहीं आ रहा तो इसे होटल स्टॉफ को बोलकर हटवा दे.

आईने में छिपे हुए कैमरों की जांच करना न भूले

कमरे के अंदर लगे शीशे, आलमारी और वाशरूम की जांच करना कभी मत भूले. टू-वे मिरर टेस्ट यहां सबसे अच्छा और सबसे भरोसेमंद है. अपने नाखून की नोक को आईने पर लाए, यदि आपके नाखून और नाखून की छवि के बीच कोई अंतर है, तो यह एक नॉर्मल मिरर है. हालांकि, अगर आपका नाखून सीधे आपके नाखून की छवि को छूता है, तो यह टू-वे मिरर है. टॉर्च के साथ वेंटिलेशनको ठीक से जांचें.

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लेखक के बारे में

Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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