HDFC-HDFC Bank Merger: क्यों हो रहा है एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक का विलय? ग्राहकों पर इसका क्या असर होगा?

HDFC-HDFC Bank Merger Reason – एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा है कि इस विलय प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडलों की बैठक 30 जून को होगी. आप सोच रहे होंगे कि एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक के साथ विलय आखिर क्यों हो रहा है. आइए यह समझने की कोशिश करते हैं-

Why HDFC Ltd and HDFC Bank are Merging? HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक का मर्जर फाइनल हो गया है. आवास वित्त कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC Ltd.) का प्राइवेट क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के साथ विलय 1 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा. एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा है कि इस विलय प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडलों की बैठक 30 जून को होगी. एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी केकी मिस्त्री ने कहा कि कंपनी के शेयरों की डीलिस्टिंग का काम 13 जुलाई से प्रभावी होगा. अब आप सोच रहे होंगे कि एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक के साथ विलय आखिर क्यों हो रहा है. आइए यह समझने की कोशिश करते हैं-

HDFC-HDFC बैंक का मर्जर क्यों हो रहा है?

HDFC, HDFC बैंक मर्जर के साथ खुद को और मजबूत करने की कोशिश में हैं. इस विलय का परिणाम एचडीएफसी बैंक के असुरक्षित ऋणों के जोखिम के अनुपात को कम करने और पूंजी आधार को मजबूत करने के रूप में हो सकता है. इस विलय की वजह के सवाल पर एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी केकी मिस्त्री ने ब्लूमबर्ग को दिये एक इंटरव्यू में बताया कि लंबे समय तक HDFC हाउसिंग फाइनेंस में रही है, लेकिन एक समय के बाद HDFC बैंक के साथ HDFC का मर्जर होना ही था, यह फैसला HDFC की बेहतरी के लिए किया गया है. क्योंकि HDFC सिर्फ हाउसिंग लोन का बिजनेस करे और बाकी बिजनेस HDFC बैंक करे, ऐसा बहुत लंबे समय तक नहीं चल सकता था. मर्जर के लिए यह टाइमिंग बिल्कुल सही है. इसकी कई रेगुलेटरी वजहें हैं, जैसे CRR, SLR की लेकर शर्तें आज से 10-20 साल पहले के मुकाबले बहुत आसान हैं.

Also Read: HDFC Bank ने महंगा किया लोन, नई दरें आज से लागू, जानें कितनी बढ़ जाएगी आपके कर्ज की EMI
अर्थव्यवस्था और ग्राहकों के लिए कैसा रहेगा यह विलय?

एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने बताया है कि भारत के सबसे बड़े बंधक ऋणदाता हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी) का निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक के साथ विलय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होगा. वहीं, बैंकिंग सेक्टर के जानकारों का कहना है कि यह मर्जर बैंक ग्राहकों के लिए अच्छा है. इस मर्जर के बाद एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को एक ही छत के नीचे बैंकिंग और फाइनैंस, दोनों का लाभ मिलेगा. एचडीएफसी बैंक की सभी शाखाओं में एचडीएफसी की सभी सेवाएं मिलने लगेंगी. एचडीएफसी का एचडीएफसी बैंक में विलय का सकारात्मक असर शेयर मार्केट में भी नजर आ रहा है.

कंपनी इतिहास में सबसे बड़ा विलय सौदा

एचडीएफसी बैंक ने पिछले साल चार अप्रैल को आवास वित्त कंपनी एचडीएफसी का खुद में विलय करने पर सहमति जतायी थी. यह सौदा 40 अरब डॉलर का है. देश में कंपनी इतिहास में इसे सबसे बड़ा विलय सौदा करार दिया गया है. इस विलय के बाद देश की एक बड़ी वित्तीय सेवा कंपनी सृजित होगी. विलय के बाद बनने वाली नयी इकाई की संयुक्त रूप से संपत्ति करीब 18 लाख करोड़ रुपये होगी. इस सौदे के तहत एचडीएफसी के प्रत्येक शेयरधारक को 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >