Small Savings Scheme: अगर आप पोस्ट ऑफिस या सरकारी स्कीम्स में पैसा निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. सरकार ने साल 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों की घोषणा कर दी है. इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि यह लगातार 9वीं तिमाही है जब सरकार ने इन दरों को स्थिर रखा है. आखिरी बार दिसंबर 2023 में कुछ स्कीम्स की ब्याज दरों को बढ़ाया गया था.
किस स्कीम पर कितना मिल रहा है ब्याज ?
| स्कीम का नाम | वर्तमान ब्याज दर |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% |
| सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) | 8.2% |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| पोस्ट ऑफिस FD (5 साल) | 7.5% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% |
| मंथली इनकम स्कीम (MIS) | 7.4% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| पोस्ट ऑफिस FD (3 साल) | 7.1% |
| पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट | 4.0% |
कैसे तय होती हैं ये दरें?
सरकार हर तीन महीने में इन दरों की समीक्षा करती है. इसके लिए श्यामला गोपीनाथ समिति का एक फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. नियम के मुताबिक, इन स्कीम्स पर मिलने वाला ब्याज सरकारी बॉन्ड (Government Bonds) के मुकाबले 0.25% से 1% तक ज्यादा होना चाहिए. साथ ही, फैसला लेते समय देश में महंगाई और नकदी की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाता है.
आम आदमी के लिए क्यों खास हैं ये स्कीम्स ?
भारत में मिडिल क्लास और घरेलू बचत के लिए ये स्कीम्स सबसे भरोसेमंद जरिया मानी जाती हैं. इन्हें मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है.
- पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट: जैसे सेविंग अकाउंट, मंथली इनकम स्कीम और FD.
- सेविंग सर्टिफिकेट: जैसे NSC और किसान विकास पत्र.
- सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स: जैसे बेटियों के लिए सुकन्या योजना, रिटायरमेंट के लिए PPF और बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटिजन स्कीम.
